जोधपुर। श्रीमाली ब्राह्मण समाज की ओर से चांदपोल स्थित शिवबाड़ी में तीन दिवसीय सामूहिक यज्ञोपवित संस्कार का शुक्रवार को धूमधाम के साथ समापन किया गया। पूरे देशभर से 51 बटूकों को विधि विधान से 11 विद्वान पंडितों के सानिध्य में जनेऊ धारण करवाते हुए 5 संकल्प भी जीवन में उतारने का संदेश दिया गया। इसके अलावा गुरु बने पंडितों की ओर से लाल कपड़ा ढ़ककर गुरु ज्ञान देते हुए ब्रह्मचर्य पालन करने की सीख भी दी गई।
शाम को सभी बटूक सहित समाजबंधु और परिजन चांदपोल स्थित शिवबाड़ी से जालोरी गेट स्थित महादेव मंदिर पहुंचे जहां से काशी यात्रा की शुरुआत हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडितों की ओर से काशी यात्रा की शुरुआत मिट्टी के दीपक खंडित करते हुए करवाई गई।
दौड़ते बटूकों को पकड़ने के लिए मामा भी पीछे भागते नजर आए। जिसका उद्देश्य मामा भांजे को उपहार का लालच देकर मनाकर लाता है और इसके पश्चात ननिहाल की ओर से नई पौशाक धारण और उपहार प्रदान किए गए। समाज के अध्यक्ष महेंद्र बोहरा के अनुसार सभी रिती रिवाजों के साथ यज्ञोपवित संस्कार उत्सव का समापन किया गया, जिसमें जोधपुर सहित देशभर के समाजबंधुओं का सहयोग रहा।
काशी जाने के लिए बग्गियों में बैठे बटूक, बैंड बाजाें के साथ निकली शोभायात्रा में गूंजे जयकारे
जालोरी गेट स्थित महादेव मंदिर से शुरु हुई काशी यात्रा में पंडितों की ओर से जल से लाइन करते हुए काशी यात्रा की शुरुआत करवाई गई। इसके पश्चात बटूक मृगछाल ओढ़े और हाथ में दंड और भोग लेकर दौड़ते नजर आए। इसके पश्चात सभी बटूकों को काशी यात्रा के लिए बग्गियों में विराजित किया गया और शोभायात्रा की शुरुआत हुई।
मंत्री नरेंद्र राज बोहरा ने बताया कि काशी यात्रा के तहत निकाली गई शोभायात्रा में मां महालक्ष्मी के जयकारों की गूंज के साथ जालोरी गेट से रवाना हुई। इस दौरान पूरे रास्ते सर्व समाज की ओर से स्वागत सत्कार किया गया।
यह शोभायात्रा भीतरी शहर होते हुए पुष्टिकर स्कूल, खांडा फलसा, नवचौकियां से ब्रह्मपुरी होते हुए हजारों समाजबंधु चांदपोल शिवबाड़ी पहुंचे। जहां 15 हजार से ज्यादा समाजबंधुओं के लिए न्याति भोज का आयोजन भी आयोजित किया और रात में रातीजोगा के साथ संस्कार उत्सव का समापन हुआ।


