बगड़ी नगर। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में कस्बे में मोहर्रमका मातमी पर्व अकीदत, अनुशासन और भाईचारे के साथ मनाया गया। मोहर्रम की रात जामा मस्जिद से ताजियों का भव्य जुलूस शुरू हुआ, जो पूरी रात कस्बे के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। इस दौरान अखाड़ों के बच्चों और युवाओं ने पारंपरिक युद्धक कलाओं, आग के अखाड़ों एवं हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर लोगों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
कर्बला मैदान में अदा की गईं रस्में
यौमे आशूरा के दिन ताजियों का जुलूस मुख्य मार्गों से होता हुआ पुरानी स्कूल के पास स्थित कर्बला मैदान पहुंचा, जहां धार्मिक रस्में अदा की गईं। पूरे जुलूस के दौरान “या हुसैन” की सदाओं के बीच माहौल गमगीन रहा और अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की लासानी कुर्बानी को याद कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की।
जगह-जगह हुआ छबील व शरबत का वितरण
जुलूस मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों एवं अकीदतमंदों द्वारा हजरत इमाम हुसैन की याद में शरबत, फल एवं अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। पूरे आयोजन में आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली।
अतिथियों का साफा पहनाकर किया स्वागत
इस अवसर पर मुस्लिम समाज की ओर से आए हुए अतिथियों का साफा पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी कालू भाई मेवाड़ा, बगड़ी थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह शेखावत, ग्राम विकास अधिकारी गुलाबचंद शर्मा, आरआई हुकम सिंह, पटवारी चंपादान, कांग्रेस नेता श्याम जोशी, कालू घोसी, रमेश भट्ट, राकेश पंचारिया, लाइसेंसदार लियाकत भाई, मोहम्मद यूसुफ गोरी, फारुख भाई लकी, ताजिया के मुख्य कंट्रोलर गफार भाई, मोहम्मद आरिफ फौजी, सानू, हसरत शेख, अनवर हुसैन, शहजाद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं अकीदतमंद मौजूद रहे। पुलिस एवं प्रशासन की चाक-चौबंद मौजूदगी में पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
