पाली। जिले के प्रमुख हेमावास बांध की पाल के पास पानी के रिसाव की सूचना पर सोमवार को सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारी जांच कर रहे हैं कि यह पानी बांध की दीवार से रिसाव होकर आ रहा है या सीपेज (प्राकृतिक रिसाव) के कारण।

मानपुरा भाकरी के पास पाल से हेमावास की ओर जाने वाली कच्ची सड़क के समीप एक गड्ढे से पानी बहता मिला। तत्काल मजदूरों को बुलाकर मिट्टी के कट्टे रखवाए गए ताकि पानी का बहाव रोका जा सके। विभागीय अधिकारी घटनास्थल पर डटे हुए हैं और रिसाव के कारणों की जांच कर रहे हैं।
बांध की अहमियत
हेमावास बांध जवाई बांध के बाद जिले का प्रमुख जल स्रोत है। इसकी भराव क्षमता 28 फीट है और इसमें 500–600 एमसीएफटी पानी पेयजल हेतु सुरक्षित रखा जाता है। इसके जल से पाली शहर सहित रामासिया, मंडली, मंडिया गिरादड़ा, गुलाबपुरा, रूपावास, मूलियावास, राऊबा की ढाणी, काणदरा, गुरलाई सहित लगभग 14 गांवों में सिंचाई की जाती है।

