लुंबिनी/नई दिल्ली, ब्यूरो रिपोर्ट। पाली की प्रसिद्ध कवयित्री और वरिष्ठ साहित्यकार, प्रो. आशा ‘पंकज’ मूँदडा, को हिंदी दिवस के अवसर पर ‘विश्व हिंदी रत्न’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। नेपाल की संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन ने विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता में उनकी उत्कृष्ट कविता के लिए यह सम्मान प्रदान किया है।

प्रो. आशा ‘पंकज’ मूँदडा पाली के राजकीय बांगड़ महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। उनकी रचनाएं देश-विदेश की पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं और उन्हें साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं।
इस सम्मान को प्राप्त करने के बाद, प्रो. आशा ‘पंकज’ मूँदडा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय संस्था द्वारा कवियों की कविताओं का मूल्यांकन होना गौरव की बात है। उन्होंने संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्था लगन से देश-विदेश के साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। इस प्रतियोगिता में हजारों प्रतिभागियों ने भाग लिया था, जिनमें से 265 कवियों का चयन उत्कृष्ट कविता के आधार पर किया गया।
संस्था के अध्यक्ष आनंद गिरि मायालु ने प्रो. आशा ‘पंकज’ मूँदडा की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक बहुआयामी व्यक्तित्व वाली लेखिका और कवयित्री बताया। उन्होंने कहा कि उनके लेखन में सरलता और सहजता है, जिसमें समाज को बदलने की क्षमता है। आनंद गिरि ने बताया कि प्रो. आशा गद्य और पद्य दोनों विधाओं में समान रूप से सृजन करती हैं और एक कुशल मंच संचालिका भी हैं। उनका काव्य संग्रह ‘प्रियदर्शिनी’ जल्द ही प्रकाशित होने वाला है।
इस सम्मान की खबर सुनकर प्रो. आशा ‘पंकज’ मूँदडा के परिचितों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है।

