सोजत। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भारत विकास परिषद शाखा सोजत द्वारा बुधवार को शहर के तीन विद्यालयों में ‘गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा, संस्कारों और नशा मुक्ति का संदेश देते हुए मेधावी छात्रों एवं शिक्षकों का सम्मान किया गया।
शाखा के संस्कार संयोजक ई. राजनारायण हर्ष ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “संस्कार व्यक्ति को जीवन जीने की सही दिशा देते हैं। इन्हीं संस्कारों से व्यक्तित्व का निर्माण होता है और समाज व राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।”
सेवा संयोजक प्रकाश सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “यदि बचपन में किसी भी प्रकार के नशे की बुरी आदत लग जाए तो वह आगे चलकर लत बन जाती है, जिससे छुटकारा पाना बेहद कठिन होता है। इसलिए सभी विद्यार्थियों को नशे से दूर रहना चाहिए।”
विजय आदर्श विद्या मंदिर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में 225 विद्यार्थियों एवं 14 गुरुजनों की उपस्थिति रही। इस दौरान 18 विद्यार्थियों तथा 14 शिक्षकों का सम्मान किया गया। प्रांतीय मीडिया संयोजक डॉ. रामस्वरूप भटनागर ने मुख्य वक्ता के रूप में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता बताते हुए परिषद की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ ‘वंदे मातरम्’ तथा समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इसी प्रकार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 में नैनावतों की ढाणी प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें 140 विद्यार्थियों एवं 12 गुरुजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय की प्राचार्य वीणा यादव ने परिषद का स्वागत करते हुए कहा कि भारत विकास परिषद बच्चों में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण कर प्रेरणादायी कार्य कर रही है। प्रांतीय संस्कार संयोजक रामकिशोर राठौड़ ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए ‘गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन’ की महत्ता बताई। इस अवसर पर ई. राजनारायण हर्ष, डॉ. रामस्वरूप भटनागर एवं प्रकाश सोनी ने भी विचार व्यक्त किए।
वहीं लोटस पब्लिक अपर प्राइमरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में 183 विद्यार्थियों एवं 14 शिक्षकों की उपस्थिति रही। यहां 14 विद्यार्थियों एवं 14 शिक्षकों का सम्मान किया गया। संस्था निदेशक शशांक टांक ने परिषद पदाधिकारियों का स्वागत किया।
कार्यक्रमों में स्नेहलता लड्ढा, ओमप्रकाश मोहिल, महेंद्र माथुर, करणसिंह मोयल, अंकुर बलाई, परेश लोढ़ा, सत्तूसिंह भाटी, कवि-शायर अब्दुल समद राही, डॉ. रशीद अहमद गौरी, दिनेश सोलंकी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं परिषद सदस्य उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में गुरु सम्मान, छात्र अभिनंदन और भारतीय संस्कारों के संदेश ने सभी को प्रेरित किया।

