पाली की लाडली बेटी अक्षरा राठौड़ ने ताइक्वांडो में दिखाया दमखम, सेमीफाइनल में मक़ाम कायम कर पाली जिले का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कर दिया।
*मिलेगी मंजिल एक दिन यह फैले हुए उनके पर बोलते हैं वही लोग रहते हैं खामोश अक्सर ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं*

शाहपुरा (जयपुर) में आयोजित राज्यस्तरीय ताइक्वांडो छात्रा प्रतियोगिता में पाली की तेजतर्रार और हुनर बाज खिलाड़ी अक्षरा राठौड़ ने अपने दमखम का लोहा मनवाते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
पाली की ताइक्वांडो छात्रा टीम इंचार्ज लाला राम चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि अक्षरा ने लगातार चार मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी फाइट अपने नाम की। उनकी जीत ने पाली जिले का नाम रोशन कर दिया है।

दल प्रभारी विनोद कंवर देवड़ा ने हर पल उनका हौसला बढ़ाया और सलाह दी कि “खेल केवल ताकत से नहीं, बल्कि दिमाग से भी खेला जाता है।” यही सलाह उनके खेल में निर्णायक साबित हुई।
वहीं साथ आए दीप विद्या आश्रम के निदेशक अकरम खान और कोच मोहम्मद आसीफ ने भी अक्षरा के जोश को बढ़ाते हुए एरीना में उतरने से पहले जीत की शुभकामनाएं दीं।
और सचमुच, अक्षरा ने उन शुभकामनाओं को अपने शानदार खेल से साबित कर दिया ।
“हौसलों की उड़ान से ही मंज़िलें मिलती हैं,
पसीने की बूंदों से ही जीत की नींव बनती है।”
अक्षरा राठौर का सेमीफाइनल तक पहुंचना यह साबित करता है कि पाली की बेटियां किसी भी मंच पर पीछे नहीं हैं।
वह हर उस लड़की के लिए प्रेरणा हैं जो अपने सपनों को हकीकत में बदलने का जज़्बा रखती है।
“लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।”
खेल सिर्फ जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि अनुशासन, साहस और आत्मविश्वास की पहचान भी है।
अक्षरा ने इस प्रतियोगिता में यह दिखा दिया कि सच्चा खिलाड़ी वही है जो हर पल मैदान में अपने पूरे जोश और जुनून के साथ उतरता है।

“नारी अबला नहीं, सबला की पहचान है,
हर क्षेत्र में उसका दमखम और सम्मान है।”
पाली की यह लाडो अब सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने के लिए तैयार है और पूरे पाली की निगाहें उस सुनहरे पल पर टिकी हैं, जब अक्षरा राज्यस्तर पर नई मिसाल कायम करेगी।
*RJ22 News Pali
चीफ़ एडीटर सैय्यद फैयाज बुखारी******

