सोजत। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को वरिष्ठ नागरिक समिति कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष सुरेश ओझा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि आगामी वर्षा ऋतु में योजनाबद्ध तरीके से स्थानीय पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, महाविद्यालयों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अधिकाधिक पौधरोपण किया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
सुरेश ओझा ने कहा कि प्रकृति ही जीवन है और जीवन ही प्रकृति। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, घटते वन क्षेत्र, विलुप्त होती वनस्पतियों एवं जीव-जंतुओं तथा बढ़ते समुद्री जल स्तर जैसी चुनौतियां भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं को बढ़ा सकती हैं। ऐसे में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत जागरूकता, आत्मबोध और अनुशासित जीवनशैली अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मानव ने प्रकृति से लगातार लिया है, अब समय आ गया है कि उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। वरिष्ठ नागरिक समिति पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में सघन वृक्षारोपण अभियान सहित विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण के लिए आजीवन समर्पण का संकल्प लिया। समिति द्वारा पूर्व में भी स्थानीय विद्यालयों, मोर्चरी परिसर तथा ऑक्सी पार्क में वृक्षारोपण कार्य कराया जा चुका है।
इस अवसर पर विशेष आमंत्रित सदस्य समाजसेवी अनोपसिंह लखावत सहित समिति के वरिष्ठ सदस्य बाबूलाल गहलोत, देवीलाल सांखला, गोरधनलाल गहलोत, हितेंद्र व्यास, सत्यनारायण गोयल, लक्ष्मणराम पालरिया, चेतन व्यास, मदनलाल चौहान, रशीद गौरी, सत्तूसिंह भाटी, अशोक सेन, श्यामलाल परिहार, मोहनलाल राठौड़ एवं कुसुम लोढ़ा, विकास टांक, मदनलाल गहलोत, प्रकाश सोनी और ललित उणेचा ने वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।


