बाड़मेर। मानवता और निस्वार्थ सेवा का पर्याय बन चुके बाड़मेर निवासी थानाराम जी, जिन्हें लोग प्यार से ‘पानी वाले बाबा’ के नाम से जानते हैं, इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो को हजारों लोगों ने शेयर किया है और लगातार लाखों लोग इसे देख रहे हैं।
वीडियो में थानाराम जी की समाज के प्रति सेवा भावना और लोगों के लिए किए जा रहे कार्यों को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स उनकी जमकर सराहना कर रहे हैं। लोग उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कह रहे हैं कि ऐसे नेक और सेवा भावी व्यक्तियों की जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है।
यह है बाड़मेर जिले के हूडो की ढाणी गांव निवासी 77 वर्षीय थानाराम जी कड़वासरा पिछले 21 वर्षों से राहगीरों को मुफ्त में ठंडा पानी पिलाकर मानवता की सेवा कर रहे हैं। न उनके पीछे कोई कैमरा है, न उनके मन में कोई मशहूर होने का कोई लालच।
थानाराम जी बाड़मेर-बटाडू मार्ग के किनारे प्रतिदिन पानी के मटके भरकर रखते हैं और गुजरने वाले यात्रियों, बस सवारों, टैक्सी चालकों तथा अन्य राहगीरों को ठंडा पानी पिलाते हैं। राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में गर्मियों के दौरान तापमान अक्सर 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे में लंबी यात्रा करने वालों के लिए एक गिलास ठंडा पानी किसी अमृत से कम नहीं होता। स्थानीय लोगों ने बताया कि बुजुर्ग के इस काम में उनका परिवार भी कई बार शामिल होता है। जिस जगह पर वे पानी पिलाते हैं, वहां वाहन आकर ठहर जाते हैं और प्रचंड गर्मी में पानी लेकर चले जाते हैं।
सबसे खास बात यह है कि थानाराम जी अपने इस सेवा कार्य का कभी प्रचार नहीं करते। वहां न कोई बड़ा बोर्ड लगा है, न ही दान पेटी रखी गई है। वह बिना किसी स्वार्थ, प्रसिद्धी या पुरस्कार की इच्छा के प्रतिदिन लोगों की प्यास बुझाने में जुटे रहते हैं। उनका मानना है कि प्यासे को पानी पिलाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं हो सकता।
थानाराम जी लगभग 21 वर्षों से लोगों की प्यास बुझाने और जरूरतमंदों की मदद करने का कार्य कर रहे हैं। उनकी निस्वार्थ सेवा और समर्पण ने उन्हें आम लोगों के बीच विशेष पहचान दिलाई है। वायरल वीडियो के बाद अब उनकी सेवा भावना की चर्चा दूर-दूर तक पहुंच रही है और लोग उन्हें समाज के लिए एक आदर्श के रूप में देख रहे हैं।
मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और ‘पानी वाले बाबा’ थानाराम इस बात को अपने कार्यों से सार्थक कर रहे हैं।


