भाजपा प्रत्याशियों की प्रशिक्षण लेते तस्वीरें वायरल, कांग्रेस के कुछ प्रत्याशी धार्मिक स्थल पर आए नजर; निर्दलीयों की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई सियासी हलचल।
सोजत सिटी। नगर पालिका चुनाव का मतदान समाप्त होते ही अब राजनीतिक दलों की नजरें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना और संभावित परिणामों पर टिक गई हैं। इसी बीच शहर में प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की चर्चाओं ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने प्रत्याशियों को अलग-अलग स्थानों पर रखा है। चर्चा है कि दोनों दलों के प्रत्याशी एक ही शहर में अलग-अलग रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं। इस बीच भाजपा प्रत्याशियों की प्रशिक्षण लेते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। वहीं कांग्रेस के कुछ प्रत्याशी एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर तस्वीरें खिंचवाते नजर आए, जिससे बाड़ेबंदी की चर्चाओं को और बल मिला है।
निर्दलीयों की खामोशी भी बनी चर्चा का विषय
सबसे ज्यादा चर्चा निर्दलीय प्रत्याशियों को लेकर है। मतदान के बाद शहर में कई निर्दलीय प्रत्याशी नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या निर्दलीयों की भी अलग से बाड़ेबंदी कर दी गई है?
नगर पालिका के 40 वार्डों में हुए चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या भी काफी अहम रही है। ऐसे में परिणाम आने से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों की नजर निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी टिकी हुई मानी जा रही है।
चैयरमैन की कुर्सी का समीकरण किस ओर?
मतपेटियों में बंद 40 वार्डों के नतीजे 14 सितंबर को सामने आएंगे, लेकिन उससे पहले ही चैयरमैन की कुर्सी को लेकर सियासी जोड़-तोड़ और संभावनाओं का दौर शुरू हो गया है। यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे में फिलहाल हर खेमे की नजर निर्दलीयों के रुख और उनके संभावित समर्थन पर टिकी हुई है।
हालांकि प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी को लेकर दोनो हि प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से कोई भी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

