पाली । निकाय चुनाव के दौरान पाली कांग्रेस में घमासान मच गया है। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ बगावत करने और पार्टी को कमजोर करने के आरोप में जिला कांग्रेस कमेटी ने बड़ा एक्शन लिया है। संगठन महासचिव जोगाराम सोलंकी द्वारा जारी निष्कासन आदेश के अनुसार, चार प्रमुख नेताओं को तत्काल प्रभाव से प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है।
पाली नगर निगम चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने श्रीमती सुमित्रा जैन को महापौर पद के लिए आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया था। हालांकि, नाम वापसी की अंतिम तिथि (18 सितंबर 2026) को दोपहर 3 बजे तक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरी श्रीमती राजबाला हिंगड़ ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया और कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ चुनावी मैदान में डटी रहीं।
पार्टी का तर्क है कि इस बगावत से संगठन और समर्पित कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जा रहा था तथा पार्टी को अंदरूनी नुकसान पहुंचाया जा रहा था। विधायक भीमराज भाटी की संस्तुति के बाद संगठन ने सख्त रुख अपनाते हुए निम्नलिखित नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया है:
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श्रीमती राजबाला हिंगड़ (निर्दलीय महापौर प्रत्याशी)

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प्रदीप हिंगड़ (पूर्व चेयरमैन)

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हकीम भाई (अध्यक्ष, पाली शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी)

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सोहन लाल पारख (वार्ड नं. 33 से पार्षद प्रत्याशी, 2026)
प्रमुख बिंदु :
पार्टी विरोधी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई: पाली नगर निगम चुनाव में अधिकृत कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ जाने पर कड़ा कदम उठाया गया है।
बागी तेवर पड़े भारी: निर्दलीय महापौर प्रत्याशी राजबाला हिंगड़ और उनके समर्थन में उतरे दिग्गज नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
शीर्ष नेताओं की संस्तुति: पाली विधायक भीमराज भाटी की अनुशंसा पर जिला कांग्रेस कमेटी ने यह त्वरित कार्रवाई की है।
इस कार्रवाई से पाली की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और चुनावी समीकरणों में गर्माहट आ गई है।


