पाली।बांडी नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सेवानिवृत्त जस्टिस संगीत लोढ़ा रविवार को एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने अपनी टीम के साथ करीब तीन घंटे तक पाली शहर, मंडिया रोड व पूनायता औद्योगिक क्षेत्र में स्थित बांडी नदी और ट्रीटमेंट प्लांटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बांडी नदी में उतरकर हालात देखे तथा जगह-जगह से रंगीन पानी के सैंपल भी लिए।

सुबह करीब सवा दस बजे जस्टिस लोढ़ा रोटरी क्लब के पास बांडी नदी पहुंचे, जहां नदी की स्थिति देखकर नाराजगी जताई। इसके बाद वे मंडिया रोड स्थित ट्रीटमेंट प्लांट संख्या 1 व 2 पहुंचे। प्लांट के पीछे नदी में जमा अपशिष्ट को देखकर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा— “यह कचरा यहां क्यों पड़ा है, आप जिम्मेदार अधिकारी होकर क्या कर रहे हैं?”
पानी की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
नगर निगम के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर निरीक्षण के दौरान जस्टिस लोढ़ा ने नगर निगम आयुक्त नवीन मेहता से पूछा कि उद्योगों को दिया जाने वाला पानी कितना उपयोग में लिया जा रहा है। इस पर बताया गया कि करीब एक साल से उद्योग यह पानी उपयोग में नहीं ले रहे। सीईटीपी फाउंडेशन के सचिव सी.पी. चौपड़ा ने भी स्वीकार किया कि पानी की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण इसका उपयोग बंद किया गया है।

पूनायता औद्योगिक क्षेत्र में गंभीर स्थिति
पूनायता औद्योगिक क्षेत्र में ट्रीटमेंट प्लांट संख्या 3 के सामने नदी में गिर रहे नाले की स्थिति देखी गई। इसके बाद ट्रीटमेंट प्लांट संख्या 6 का निरीक्षण किया गया, जहां स्लज का ढेर देखकर जस्टिस लोढ़ा ने नाराजगी जताई और इसके निस्तारण पर सवाल खड़े किए। प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ अमित सोनी ने बताया कि हाल ही में अवैध पाइपलाइन हटाने की कार्रवाई की गई है।
“कभी नेहड़ा बांध जाकर स्थिति देखी है?”
निरीक्षण के दौरान जस्टिस लोढ़ा ने सीईटीपी अध्यक्ष अशोक लोढ़ा से सख्त शब्दों में कहा—
“मैं नहीं कहता कि किसान 100 प्रतिशत सही हैं, लेकिन क्या आपने कभी नेहड़ा बांध जाकर स्थिति देखी है? मैं पूरा बेल्ट घूमकर आया हूं, मुझे सब पता है। ऐसी हालत में इंडस्ट्री कैसे चल सकती है?”
किसानों ने रखी पीड़ा
निरीक्षण के दौरान किसान वागाराम विश्नोई, नाथूदान, हनुमान पटेल, गंगादान चारण व भीमाराम देवासी ने आरोप लगाया कि कुछ फैक्ट्रियां चोरी-छिपे अवैध पाइप के जरिए रंगीन पानी बांडी नदी में छोड़ रही हैं, जिससे नदी व नेहड़ा बांध का पानी प्रदूषित हो रहा है और खेत बर्बाद हो रहे हैं। किसानों ने नदी किनारे खुदाई करवाकर छुपी पाइप लाइनों का खुलासा करने की मांग की।
प्रशासन को दिए निर्देश
नदी की स्थिति देखने के बाद जस्टिस लोढ़ा ने जिला कलेक्टर एलएन मंत्री से कहा कि मौजूदा हालात देखकर बताइए, क्या इस स्थिति में उद्योग चल सकते हैं। उन्होंने झाड़ियों की कटाई कराकर नदी क्षेत्र की पूरी जांच के निर्देश भी दिए।
ये रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर एलएन मंत्री, एसपी आदर्श सिंधु, एसडीएम विमलेन्द्र सिंह राणावत, एएसपी विपिन शर्मा, एएसपी जयसिंह तंवर, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ अमित सोनी, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज, सीईटीपी अध्यक्ष अशोक लोढ़ा, सचिव सीपी चौपड़ा, कोषाध्यक्ष प्रवीण कोठारी सहित कई वरिष्ठ उद्यमी, किसान व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

