जोधपुर। ईरान की ओर से अमेरिका-इजराइल के हमलों के जवाब में दुबई में हुई एयर स्ट्राइक के बाद राजस्थान जोधपुर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए हैं। इस घटनाक्रम के बीच जोधपुर के कुल 127 लोग दुबई में फंस गए हैं। इनमें 7 युवक पर्यटन के लिए गए थे, जबकि 120 श्रद्धालु सत्संग यात्रा पर वहां पहुंचे थे। अचानक हुए धमाकों और एयरपोर्ट बंद होने से सभी के सामने गंभीर स्थिति पैदा हो गई है।

बताया जा रहा है कि सात दोस्त 28 फरवरी की शाम दुबई घूमने के दौरान होटल बुर्ज अल अरब देखने पहुंचे थे। जैसे ही वे होटल के बाहर निकले, पास ही एक के बाद एक दो धमाके हुए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। धमाकों की आवाज सुनकर युवक घबराकर वापस होटल के अंदर चले गए और काफी देर तक डरे-सहमे वहीं बैठे रहे। बीच-बीच में फिर से धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं, जिससे माहौल और भयावह हो गया।
वहीं सूरसागर के बड़ा रामद्वारा के संत श्री अमृताराम जी और संत श्री मनोहरदास जी महाराज के सान्निध्य में 120 श्रद्धालु सत्संग यात्रा पर दुबई गए थे। इन सभी की 28 फरवरी रात 2:30 बजे दुबई से दिल्ली के लिए फ्लाइट निर्धारित थी, लेकिन हालात बिगड़ने पर दुबई सरकार ने एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जिससे यात्री वहीं फंस गए।
होटल और टैक्सी वालों की मनमानी..
एयरपोर्ट बंद होने की खबर मिलते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। जोधपुर के श्रद्धालु किसी तरह अपने होटल पहुंचे, लेकिन वहां नई परेशानी सामने आई।
संत मनोहरदास जी ने बताया कि होटल का किराया चार गुना बढ़ाकर करीब 30 हजार रुपये कर दिया गया। बाद में एक एजेंट की मदद से कुछ राहत के साथ कमरे बुक कराए गए। टैक्सी चालकों द्वारा भी मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें सामने आई हैं।
स्थिति को देखते हुए दुबई सरकार ने कुछ पर्यटकों के लिए राहत कदम उठाए हैं और वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोग भी मदद के लिए आगे आए हैं।
परिजनों ने नेताओं से मदद की गुहार..
जोधपुर में फंसे लोगों के परिवार बेहद चिंतित हैं और लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। पैसों की व्यवस्था के साथ-साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मदद की अपील की गई है। जोधपुर के रामप्रसाद जी महाराज ने वीडियो कॉल के जरिए संतों से बात कर वहां के हालात की जानकारी ली है।
दुबई में मौजूद पर्यटकों के अनुसार रात करीब 12:30 बजे इमरजेंसी सायरन बजने लगे और मोबाइल पर सरकारी संदेश आया, जिसमें सभी को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई थी। फिलहाल सभी लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं और भारत वापसी का इंतजार कर रहे हैं।


