पाली। सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज पाने की चाह एक युवक को भारी पड़ गई। पाली जिले में वन्यजीव सांडा (स्पाइनी टेल्ड लिजार्ड) को पकड़कर उसके साथ रील बनाना और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करना युवक के लिए मुसीबत बन गया। वीडियो वन विभाग तक पहुंचते ही टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे 15 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पाली रेंज के वन अधिकारी प्रकाश चौधरी ने बताया कि सोशल मीडिया पर सांडा के साथ बनाई गई रील सामने आने के बाद उपवन संरक्षक के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान वीडियो में दिखाई दे रहे युवक की पहचान रोहट क्षेत्र के मांडावास गांव निवासी रघुनाथ (पुत्र मांगीलाल) के रूप में हुई।
वन्यजीव को पकड़कर बनाई थी रील...
वन विभाग की जांच में सामने आया कि आरोपी युवक ने सांडा को पकड़कर अपने कब्जे में रखा और उसके साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वन्यजीव के साथ इस प्रकार का व्यवहार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अपराध माना जाता है। इसी आधार पर वन विभाग ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामला दर्ज किया।
कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में…
वन विभाग की कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर पाली के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।
जड़ी-बूटी बेचने वालों से खरीदे थे सांडा…
उपवन संरक्षक कस्तुरी प्रशांत सूले ने बताया कि आरोपी युवक के गांव में जड़ी-बूटियां और आयुर्वेदिक दवाइयां बेचने दो युवक आए थे। युवक ने उन्हें बताया कि उसके घुटनों में दर्द रहता है। इस पर उन्होंने उसे एक शीशी तेल देते हुए कहा कि यह सांडा का तेल है और इससे 10 दिन में घुटनों का दर्द ठीक हो जाएगा।
युवक को भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने अपने बैग से दो सांडा भी निकालकर दिखाए। इस पर आरोपी युवक ने उनसे सांडा का तेल निकालकर दिखाने को कहा। जड़ी-बूटी बेचने वाले दोनों सांडा एक हजार रुपए में युवक को देकर अगले दिन तेल निकालने की बात कहकर चले गए, लेकिन फिर वापस नहीं आए।
वन विभाग की चेतावनी..
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों को पकड़ना, बंधक बनाना, परेशान करना या उनके साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना कानूनन अपराध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


