पाली। जिले के सोजत रोड थाना क्षेत्र के सिनला गांव में दलित महिला गंगा देवी भील की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतका की पुत्री सीता देवी की ओर से लगाए गए आरोपों पर सुनवाई करते हुए विशेष एससी-एसटी कोर्ट पाली ने पुलिस की पूर्व जांच को अस्वीकार कर बुधवार को मामले में पुनः अग्रिम अनुसंधान के आदेश जारी किए।
सीता देवी का आरोप है कि उसकी मां गंगा देवी की हत्या कर आरोपियों ने संपत्ति हड़पने के लिए फर्जी वसीयतनामा और दो-दो मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करवाए। पुलिस ने चार साल पहले इस मामले में एफआर लगाकर केस को झूठा करार दिया था।
सीता देवी ने अपने अधिवक्ताओं अरिहंत चौपड़ा, प्रवीण साहू, वीरेंद्र सिंह राजपुरोहित व कुलदीप सिंह चौहान आलावास के माध्यम से न्यायालय में अर्जी लगाई थी। अर्जी में कहा गया कि पुलिस ने आरोपियों से मिलीभगत कर निष्पक्ष जांच नहीं की, जबकि फर्जी वसीयत व दो मृत्यु प्रमाण पत्रों की सच्चाई उजागर करने के लिए एफएसएल जांच आवश्यक है।
न्यायालय ने सरकारी अधिवक्ता व परिवादी पक्ष की दलीलें सुनने के बाद मामला 4 वर्ष पश्चात पुनः सोजत रोड थाना पुलिस को अग्रिम अनुसंधान के लिए लौटाने के आदेश दिए।





