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सोजत: पर्युषण पर्व में साध्वी रत्नमाला श्री जी ने दिया संदेश – पुण्य का पोषण, पाप का शोषण करें।

सोजत। श्री शांति वर्धमान जैन ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित चातुर्मास-2025 के अंतर्गत धानमंडी स्थित आराधना भवन में पर्युषण महापर्व का चौथा दिन धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया।

चातुर्मास में विराजमान प.पू. नीति समुदायवर्ती साध्वी रत्नमाला श्री जी म.सा. ने अष्टाहृनिका व्याख्यान में कल्पसूत्र की महिमा एवं दस कल्पों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि “पुण्य का पोषण और पाप का शोषण करने की अपूर्व शक्ति पर्युषण पर्व में निहित है। यह पर्व अपने आप द्वार पर आकर हमें धर्म की ओर प्रेरित करता है। पर्वाधिराज के इन दिनों में विशेषाधिक धर्म आराधना करनी चाहिए।”

धार्मिक कार्यक्रम

इससे पूर्व कल्पसूत्र की पांच वासक्षेप पूजा, अष्टप्रकारी पूजा एवं सोना-रुपा उछामणी हुई। तत्पश्चात कल्पसूत्र बहोराने व गुरु पूजन का आयोजन किया गया। नवकार मंत्र लेखन प्रतियोगिता के चार विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्रातः विमलनाथ भगवान मंदिर में स्नात्र महोत्सव मनाया गया।

साध्वियों के उद्गार व उपस्थित श्रद्धालु

साध्वी मुक्ति माला श्री जी व साध्वी दिव्य रत्नमाला श्री जी ने भी अपने उद्गार प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर सुरेंद्र मेहता, संजय संचेती, नरपत राज मुणोत, अनिल सिंघवी, शांतिलाल भंडारी, नरेश ओस्तवाल, नरेंद्र खारीवाल, राहुल लोढ़ा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। चंदन बाला महिला मंडल की उषा सिंघवी, निर्मला सिंघवी, संगीता भंडारी, खुश्बू मुणोत, स्वाति कावेड़िया, निर्मला मुणोत, कंचन बाई सुराणा आदि ने भी सहभागिता निभाई।

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Written by Rj22 news

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