पाली। मातृभूमि एवं सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार शहजादों की अमर स्मृति में 26 दिसम्बर 2025 को वीर बाल दिवस का आयोजन वन्दे मातरम् सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जयनगर (पाली) में अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और भावनात्मक वातावरण में सम्पन्न हुआ।
यह आयोजन केवल ऐतिहासिक स्मरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ी के लिए साहस, चरित्र और कर्तव्यबोध का सशक्त संदेश भी बनकर उभरा। कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रदर्शनी एवं संगोष्ठी ने विद्यार्थियों में जिज्ञासा, सम्मान और प्रेरणा का संचार किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि धर्म और सत्य की रक्षा के लिए हँसते-हँसते अपने जीवन का बलिदान देने वाले उन बाल वीरों पर सम्पूर्ण राष्ट्र को गर्व है। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस यह सिखाता है कि आयु भले ही छोटी हो, लेकिन संकल्प विशाल हो तो वही राष्ट्र का भविष्य गढ़ता है।
विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए चारों वीर शहजादों के जीवन से अडिग विश्वास, आत्मसम्मान और सत्य के मार्ग पर अटल रहने की प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कृति और मूल्यों की रक्षा केवल शब्दों से नहीं, बल्कि आचरण और कर्म से होती है—और यही वीर बालों का अमर संदेश है।
विद्यालय परिसर में उपस्थित शिक्षकगण, आयोजक मंडल, अभिभावक एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन को एक सामूहिक श्रद्धांजलि का स्वरूप प्रदान किया।
बच्चों की आँखों में दिखाई दे रही चमक और मन में दृढ़ निश्चय इस बात का प्रमाण था कि वे इस प्रेरणा को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे।
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री सुनील भंडारी (पाली जिला अध्यक्ष, भाजपा), श्री ज्ञानचंद पारख (पूर्व विधायक, पाली) तथा श्री महेन्द्र बोहरा (पूर्व सभापति, नगर परिषद पाली) की अहम भूमिका रही।
वीर बाल दिवस का यह आयोजन यह स्मरण कराता है कि इतिहास केवल पढ़ा नहीं जाता, बल्कि उसे जीकर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाया जाता है।

