उदयपुर/पाली: मेवाड़ की ऐतिहासिक धरा पर रविवार को शौर्य, संस्कृति और प्रतिभा का अद्भुत संगम देखने को मिला। उदयपुर स्थित सिटी पैलेस के प्रांगण में महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा 42वाँ वार्षिक सम्मान समारोह अत्यंत भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। इस समारोह में देश-विदेश की उन विशिष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा और खेल के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने किया सम्मानित
समारोह के दौरान मेवाड़ राजपरिवार के उत्तराधिकारी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में मेवाड़ की गौरवशाली परंपराओं को संजोने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली प्रतिभाओं की सराहना की।

पाली के गौरव बने साक्षी
इस प्रतिष्ठित समारोह में पाली जिले का भी गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व रहा। वरिष्ठ साहित्यकार एवं कल्पवृक्ष साहित्य संस्थान के अध्यक्ष पवन कुमार पाण्डेय, स्कूल शिक्षा परिवार के जिलाध्यक्ष रामसिंह गोहिल, पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन सिंह उदावत और भगा राम गुर्जर सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

संस्कार और प्रेरणा का उत्सव
उपस्थित अतिथियों ने कहा कि यह आयोजन केवल एक पुरस्कार वितरण समारोह नहीं, बल्कि संस्कारों और परंपराओं का उत्सव है। समारोह के अंत में मेवाड़ की मिट्टी को नमन करते हुए इन पंक्तियों ने सभी को भावविभोर कर दिया:
“ये मिट्टी सिर्फ़ जमीन नहीं, इतिहास की पहचान है,
जिसे छू ले मेवाड़ की हवा, वो इंसान महान है।”
यह समारोह एक बार फिर सिद्ध कर गया कि मेवाड़ की धरा न केवल वीरों की है, बल्कि विद्वानों और समाज सेवकों के सम्मान की भी संरक्षक है।

