पाली। त्यौहारों से पहले मिठाई बनाने में उपयोग होने वाले मिलावटी मावे पर चिकित्सा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार अलसुबह चिकित्सा विभाग की टीम ने बांगड़ हॉस्पिटल के बाहर बीकानेर से आई दो निजी बसों में भरा 4460 किलो मिलावटी मावा पकड़ा।
मौके पर जांच में मावे में स्टार्च की मिलावट पाई गई, जिसके बाद पूरा मावा जब्त कर लिया गया।
सुबह पांच बजे हुई कार्रवाई
मुखबिर से सूचना मिलने पर सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देश पर टीम ने बुधवार सुबह करीब पांच बजे कार्रवाई की। बीकानेर से आई दो निजी बसों की जांच की गई, जिनमें 233 टीन मावा बरामद हुआ। प्रत्येक टीन में 20 किलो मावा भरा था। प्रारंभिक जांच में मावे में स्टार्च की मिलावट सामने आई।
स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया मावा
सीएमएचओ डॉ. मारवाल ने बताया कि मौके पर ही जांच के दौरान स्टार्च की मिलावट की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि ऐसा मावा स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और इससे बनी मिठाइयां शरीर पर प्रतिकूल असर डालती हैं। जब्त किए गए सभी टीनों को नियमानुसार नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
त्यौहारी सीजन में बढ़ता है मिलावट का कारोबार
फूड इंस्पेक्टर सुरेश शर्मा ने बताया कि स्टार्च की विभिन्न कैटेगरी होती हैं, जिनकी मिलावट कर मावे को भारी मात्रा में तैयार किया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह मावा पूरी तरह दूध से नहीं बनाया जाता, बल्कि मिलावटी तत्व मिलाकर बाजार में बेचा जाता है।
बीकानेर से प्रदेशभर में सप्लाई
त्यौहारी सीजन में मिलावटखोरी का यह गोरखधंधा अपने चरम पर होता है। बीकानेर से मिलावटी मावा न केवल पाली बल्कि पूरे प्रदेश में सप्लाई किया जा रहा है।
स्थानीय लोग और जानकार बताते हैं कि यह कारोबार सालभर चलता है, लेकिन कार्रवाई केवल त्योहारों के समय होती है।
स्थायी कार्रवाई की जरूरत
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि यदि विभाग नियमित रूप से ऐसी जांच करे, तो पाली सहित आसपास के जिलों में मिलावटी मावे की आपूर्ति पर लगाम लगाई जा सकती है।
त्यौहारों के समय मिठाई खरीदते वक्त सतर्क रहें — शुद्धता की जांच करें और विश्वसनीय दुकानों से ही मिठाई खरीदें।


