नई दिल्ली। विश्व आधुनिक सैन्य विमान निर्देशिका (World Directory of Modern Military Aircraft – WDMM) की ताज़ा रिपोर्ट में भारत ने इतिहास रच दिया है। भारतीय वायुसेना ने चीन को पीछे छोड़ते हुए अब दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली वायुसेना का दर्जा हासिल कर लिया है।

अमेरिका और रूस क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं, जबकि भारत ने अपने अनुशासन, तकनीकी क्षमता और अदम्य साहस के दम पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ ने दिखाई भारत की शक्ति-
हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर सिद्ध किया कि भारतीय वायुसेना केवल सीमाओं की प्रहरी नहीं, बल्कि हर आपदा और आपात स्थिति में देश की सबसे भरोसेमंद रक्षक शक्ति है।
चुनौतीपूर्ण हालात में भी वायुसेना ने मिशन को अंजाम देकर यह संदेश दिया —
“जहाँ गगन झुके तिरंगे के आगे, वहीं उड़ते हैं भारत के बाज़ सुहाने।”

नारी शक्ति की ऊँची उड़ान
इस अभियान में महिला- पायलटों और अफसरों की भागीदारी विशेष रूप से प्रेरणादायक रही।
महिला विंग कमांडर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट और पायलटों ने साहस और कौशल के साथ मिशन को सफल बनाकर यह साबित किया कि भारतीय नारी अब हर क्षेत्र में अग्रणी है।
“हवा से बातें करती वो हिम्मत की मिसाल है,
आसमान को छू ले जो — वो भारत की महिला कमाल है।”
शौर्य, निष्ठा और तकनीकी कौशल का संगम-
भारतीय वायुसेना के जांबाज़ों ने हमेशा यह दिखाया है कि अनुशासन और पराक्रम के साथ तकनीकी दक्षता उनका सबसे बड़ा हथियार है।
उनका हर मिशन, हर उड़ान एक ही सिद्धांत पर आधारित है —
“राष्ट्र प्रथम।”
“जहाँ हौसले बुलंद हों, वहाँ मंज़िलें झुक जाती हैं,
ये वायुसेना है जनाब, यहाँ किस्मत नहीं — काबिलियत उड़ान भरती है।”

देश को गर्व अपने वीरों पर
भारतीय वायुसेना की यह उपलब्धि केवल सैन्य शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि यह पूरे देश की सामूहिक निष्ठा, आत्मबल और प्रशिक्षण की पहचान है।
आज हर भारतीय गर्व से कह सकता है —
“भारत की धरती से जो उड़ान भरती है,
वो सिर्फ विमान नहीं — वीरता की पहचान भरती है।”


