पाली | 6 लाख रुपए में स्कॉर्पियो देने का झांसा देकर करीब 250 लोगों से 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड प्रिंस सैनी की जांच अब पाली तक पहुंच गई है।

राजस्थान एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने पाली के लाखोटिया मेला समिति के संस्थापक अध्यक्ष नेमीचंद देवड़ा को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। उन्हें 28 अक्टूबर 2025 को जयपुर के घाटगेट स्थित एसओजी ऑफिस में सुबह 10 बजे हाजिर होने को कहा गया है।
पाली लाखोटिया महादेव भजन संध्या में चीफ गेस्ट बनकर दिया था 11 लाख का डोनेशन

ठगी का मुख्य आरोपी प्रिंस सैनी 4 अगस्त 2025 को पाली में आयोजित ‘एक शाम लाखोटिया महादेव के नाम’ भजन संध्या में मुख्य अतिथि बनकर पहुंचा था।
उसने इस आयोजन के लिए 11 लाख रुपए नकद डोनेशन दिया था और अगले वर्ष 2026 में फिर से 11 लाख रुपए देने की घोषणा भी की थी।
अब जांच में सामने आया है कि यह रकम ठगी के पैसों से दी गई थी।
SOG का नोटिस: “ठग के पैसों से संस्था को 22 लाख रुपए मिले”
जयपुर एसओजी के उप पुलिस अधीक्षक रोहित श्रीवास्तव के नाम से भेजे गए नोटिस में लिखा गया है—
“जांच में पाया गया है कि अभियुक्त बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी ने जनता से धोखाधड़ी कर जमा की गई राशि में से आपकी संस्था को 22 लाख रुपए नकद दिए हैं। इस संबंध में आपसे पूछताछ कर आपका पक्ष लिया जाएगा।”
अध्यक्ष ने कहा— “पता होता ठग है, तो कभी नहीं बुलाते”
संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष नेमीचंद देवड़ा ने कहा कि उन्हें प्रिंस सैनी के ठग होने की जानकारी नहीं थी।
“वह खुद अतिथि बनकर आने की बात कह रहा था और भजन संध्या के लिए 11 लाख रुपए सहयोग देना चाहता था। हमने रसीद दी थी। अगर हमें जरा भी अंदेशा होता कि वह ठग है, तो कभी कार्यक्रम में शामिल नहीं करते।”
ठगी की कहानी: स्कॉर्पियो और फर्जी कंपनियों का जाल
SOG जांच में सामने आया कि 24 वर्षीय बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी, निवासी धोरू, भोपालगढ़ (जोधपुर), ने साथियों ममता भाटी (ब्यावर) और दिनेश बागड़ी (मेड़ता, नागौर) के साथ मिलकर कई राज्यों में ठगी की।
2017 में 12वीं फेल होने के बाद फर्जी कंपनियों के जरिए ठगी शुरू की।
ग्रो मोर एजुकेशन प्रा. लि. के नाम से ऑनलाइन कोचिंग कंपनी बनाकर 2200 छात्रों से 3-3 हजार रुपए वसूले — 66 लाख रुपए की ठगी।
बाद में हार्वेस्ट एआई टेक्नोलॉजी प्रा. लि. और ग्रोमर एजुकेशन के नाम से निवेश स्कीमें चलाईं।
लोगों को 6 लाख रुपए निवेश पर स्कॉर्पियो कार देने का झांसा दिया।
करीब 250 लोगों से 6-6 लाख रुपए, कुल 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की।
लग्जरी लाइफ से आया रडार पर
कम उम्र में चार बाउंसर, गनमैन, और महंगी कारों में घूमने वाला प्रिंस सैनी सोशल मीडिया पर लगातार एक्टिव रहता था।
वह जगह-जगह डोनेशन देकर समाजसेवी की छवि बनाता रहा। इन्हीं संदिग्ध गतिविधियों के चलते एसओजी उसकी निगरानी कर रही थी।
SOG ने तीनों आरोपियों को पकड़ा
एसओजी ने प्रिंस सैनी, ममता भाटी और दिनेश बागड़ी को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि जिन खातों से करोड़ों का लेनदेन हुआ, उनमें से अब सिर्फ ढाई लाख रुपए ही बचे हैं।
पाली में आयोजित भजन संध्या के जरिए ठग प्रिंस सैनी का नाम अब स्थानीय धार्मिक आयोजनों तक जुड़ गया है।
एसओजी अब पाली, नागौर समेत उन सभी संस्थाओं से पूछताछ करेगी, जिनसे उसका आर्थिक या सामाजिक जुड़ाव रहा है, ताकि ठगी के पैसे का पूरा ट्रेल सामने लाया जा सके।

