डूंगरपुर। बांसवाड़ा-डूंगरपुर नेशनल हाईवे 927-A पर मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक महिला की हिम्मत और तत्परता से एक पूरा परिवार मौत के मुंह से बाहर आ गया। हीरोता गांव के पास एक कार अनियंत्रित होकर करीब 10 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी। कार में ग्रेड सेकेंड टीचर धर्मेश यादव, उनकी पत्नी शिल्पा यादव और 11 महीने का मासूम बेटा सवार थे।

कार के पानी में डूबने के दौरान अधिकांश लोग खड़े होकर मोबाइल से वीडियो बनाते रहे, लेकिन पास ही रहने वाली सूरता (35) ने बिना समय गंवाए पानी में छलांग लगा दी। उसके इस साहसिक कदम ने तीन जिंदगियों को बचा लिया।
बच्चे को पहले निकाला, फिर पति-पत्नी को खींचा बाहर
हादसे के समय सूरता ने अपनी बेटी आयुषी और पड़ोसी युवक की मदद से पहले कार से 11 महीने के बच्चे को बाहर निकाला। इसके बाद दोनों पति-पत्नी को भी बाहर लाया गया।
कार का शीशा तोड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सूरता ने बताया कि पड़ोसी युवक का हाथ कांच तोड़ते समय घायल हो गया, लेकिन सबने मिलकर हार नहीं मानी। गहराई और ठंडे पानी के बावजूद तीनों को बाहर निकाल लिया गया।
धमाके जैसी आवाज सुनकर घर से दौड़ी बाहर
सूरता ने बताया—
“कार के गिरने की आवाज धमाके जैसी थी। मैं तुरंत दौड़कर बाहर आई तो देखा कार पानी में डूब रही थी। बिना सोचे-समझे पानी में उतर गई। इतने लोग मौजूद थे, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। जीवन बचाने के लिए मौके पर तुरंत कदम उठाना जरूरी है।”
टीचर के परिवार की हालत
पुलिस के अनुसार टीचर धर्मेश यादव, निवासी बालाजी नगर डूंगरपुर, अपनी पत्नी और बेटे के साथ बोर गांव में शादी समारोह में जा रहे थे।
पति-पत्नी को सिर व शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं
बच्चे की स्थिति फिलहाल ठीक बताई जा रही है
धर्मेश यादव वर्तमान में गांधवा गांव के बालिका स्कूल में पदस्थापित हैं
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। कार के अनियंत्रित होने के कारणों की जांच की जा रही है।
मानवता की मिसाल बनीं सूरता..
जहां भीड़ सिर्फ मोबाइल कैमरे चलाती रही, वहीं सूरता ने अपनी जान जोखिम में डालकर तीन जानें बचाईं। उनकी इस बहादुरी की स्थानीय लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।


