सोजत। भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित युवा प्रखर अंतर महाविद्यालय वाद-विवाद एवं आशु भाषण प्रतियोगिता सोमवार को राजकीय महाविद्यालय के सभा भवन में उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई। युवा अभिव्यक्ति, तर्कशक्ति और विचार-विवेक को नई दिशा देने वाले इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न महाविद्यालयों से आए छात्रों ने प्रभावशाली प्रस्तुति देकर दर्शकों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद, मां भारती एवं मां शारदा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और वंदेमातरम गीत के साथ हुआ। तीन महाविद्यालयों के 11 छात्रों ने वाद-विवाद तथा 7 छात्रों ने आशु भाषण प्रतियोगिता में भाग लिया।
AI:वरदान या अभिशाप—
वाद-विवाद में गूंजा सवाल
वाद-विवाद प्रतियोगिता का मुख्य विषय रहा— “क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव जीवन के लिए वरदान है या अभिशाप?”
पक्ष और विपक्ष में छात्रों ने अपने तार्किक, विवेकपूर्ण और प्रभावशाली तर्कों से मंच को जीवंत बनाए रखा। आशु भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने स्वदेशी उत्पाद, परिवार प्रबोधन, नागरिक अधिकार, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर सारगर्भित विचार रखे।
अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह..
कार्यक्रम संयोजक भामाशाह अनोपसिंह लखावत ने वाद-विवाद जैसे आयोजनों को युवाओं में निर्भीक अभिव्यक्ति की भावना विकसित करने वाला बताया। प्राचार्य प्रो. सुभाष नवल ने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि परिषद का यह प्रयास युवा वक्ताओं को निखारने का उत्कृष्ट माध्यम है।
मुख्य वक्ता एवं प्रांतीय संयोजक संस्कार रामस्वरूप भटनागर ने वाद-विवाद और आशु भाषण को युवाओं की बौद्धिक व तार्किक क्षमताओं को विकसित करने वाला मंच बताया।
निर्णायक मंडल की सराहनीय भूमिका
निर्णायक मंडल में चित्रांशी रायजादा (युवा पत्रकार), आरती पालीवाल (उप आचार्य) और दिनेश उज्जवल (सॉफ्टवेयर इंजीनियर) शामिल रहे। सभी ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति, वाक्शैली और विषय पर पकड़ का मूल्यांकन किया और उन्हें महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
प्रतियोगिता के परिणाम
वाद-विवाद प्रतियोगिता (पक्ष):
प्रथम: विवेक, राजकीय महाविद्यालय सोजत
द्वितीय: दिलीप चौधरी, वी सोच महाविद्यालय सियाट
तृतीय: नर्गिस बानो, आई माता महाविद्यालय सोजत
वाद-विवाद प्रतियोगिता (विपक्ष):
प्रथम: रुद्राक्ष, राजकीय महाविद्यालय सोजत
द्वितीय: तनीषा, राजकीय महाविद्यालय सोजत
तृतीय: वंदना, आई माता महाविद्यालय
आशु भाषण प्रतियोगिता:
प्रथम: दीपक गहलोत, वी सोच महाविद्यालय सियाट
द्वितीय: जीनल, राजकीय महाविद्यालय सोजत
तृतीय: विवेक, राजकीय महाविद्यालय सोजत
विजेताओं को प्रमाणपत्र एवं स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कविता और सुझावों ने बढ़ाया उत्साह..
कवि नवनीत राय ने प्रेरक कविता के माध्यम से छात्रों में ऊर्जा का संचार किया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों को विषय पर केंद्रित रहने, भाषा पर पकड़ मजबूत करने और तर्कों को सशक्त बनाने संबंधी उपयोगी सुझाव भी दिए।
सफल आयोजन में सभी का योगदान..
कार्यक्रम की सफलता में परिषद के अंकुर बलाई, ओमप्रकाश मोहिल, करणसिंह मोयल, दिनेश उज्जवल, दलवीर सिंह, बी. प्रकाश गहलोत, अजय जोशी सहित तीनों महाविद्यालयों के आचार्यगण और छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम का संचालन युवा पत्रकार चित्रांशी रायजादा ‘रुचिर’ ने प्रभावशाली ढंग से किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

