पाली। शहर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान नामों को हटाने की कथित कोशिशों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। पाली विधायक भीमराज भाटी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह व कांग्रेस शहर अध्यक्ष हकीम भाई के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कोतवाली थाने पहुंचकर इस संबंध में लिखित शिकायत दी है। कांग्रेस का आरोप है कि एक संगठित तरीके से अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
प्रमुख आरोप: क्या है पूरा मामला?
शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि एक विशेष विचारधारा से जुड़े लोग भारत निर्वाचन आयोग के नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
बड़ी संख्या में आपत्तियां: निर्वाचन आयोग के अनुसार एक व्यक्ति सीमित आवेदन कर सकता है, लेकिन आरोप है कि एक ही दिन में सैकड़ों आपत्तियां दाखिल की गईं।
टारगेटेड कार्रवाई: कांग्रेस नेताओं का दावा है कि विशेष रूप से अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के नाम कटवाने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है।
नियमों का उल्लंघन: विधायक भाटी ने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को खत्म करने की कोशिश है।
पुलिस और प्रशासन का रुख
कोतवाली पुलिस ने कांग्रेस नेताओं की शिकायत प्राप्त कर ली है। पुलिस ने विश्वास दिलाया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी। इस दौरान विधायक भीमराज भाटी, जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपुरोहित, शहर अध्यक्ष हकीम भाई पार्षद मेहबूब टी, पार्षद रमेश चावला, पार्षद इंसाफ मोयल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
“लोकतंत्र की जड़ें कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन कर मतदाताओं को डराने और उनके अधिकार छीनने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
— भीमराज भाटी, विधायक (पाली)
