in

भेरूजी मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव: वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई प्राण-प्रतिष्ठा, भक्ति और आस्था में सराबोर रहा बासनी तिलवाड़िया।

सोजत। निकटवर्ती ग्राम बासनी तिलवाड़िया में भेरूजी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। पूरे महोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गांव का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा तथा मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट और फूलों से सजाया गया।

समारोह में चारण गढ़वी इंटरनेशनल फाउंडेशन के चेयरमैन अनोप सिंह लखावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए धर्मलाभ प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में सहभागिता करने पर धन्यवाद ज्ञापित किया।

आयोजन समिति के संरक्षक किशनलाल कच्छवाह, अध्यक्ष हेमाराम भाटी, उपाध्यक्ष राजेंद्र सांखला, सचिव पन्नाराम पंवार, प्रवक्ता भंवरलाल भाटी एवं कोषाध्यक्ष श्रवण पंवार ने बताया कि शनिवार सुबह आचार्य पंडित पाचाराम जोशी के आचार्यत्व में वैदिक विधि-विधान से भेरूजी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इसके पश्चात सुबह 11 बजे से महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों सहित क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत महामंडलेश्वर स्वामी चेतन गिरी महाराज के सान्निध्य में आयोजित नैनी बाई का मायरा कथा का शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ भावपूर्ण समापन हुआ। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्ति एवं आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कथा के अंतिम दिवस स्वामी चेतन गिरी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि भारतीय संस्कृति में मायरा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि प्रेम, त्याग, सेवा और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति सत्य, करुणा और परोपकार को अपने जीवन का आधार बनाता है। उन्होंने माता-पिता एवं गुरुजनों के सम्मान, गौसेवा, संस्कारों के संरक्षण तथा समाजहित के कार्यों को अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का केंद्र होता है। प्राण-प्रतिष्ठा जैसे धार्मिक आयोजन सामाजिक समरसता, सद्भाव और आस्था को मजबूती प्रदान करते हैं। कथा के दौरान भगवान के नाम-स्मरण, सत्संग और सेवा भाव के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।

कथा समापन के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और लोककल्याण की कामना करते हुए आहुतियां अर्पित कीं।

रात्रि में प्रसिद्ध भजन गायक रमेश माली द्वारा भव्य भजन संध्या प्रस्तुत की गई। उनके सुमधुर भक्तिमय भजनों ने देर रात तक श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर रखा। इस दौरान मंदिर विकास एवं धार्मिक कार्यों के लिए मुख्य बोलियां भी आयोजित की गईं, जिनमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया।

Akram Khan

Written by Akram Khan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छात्रों की गूंज’ अभियान: पाली में कांग्रेस का संवाद कार्यक्रम, नेताओं ने कहा- देश की शिक्षा व्यवस्था ICU में