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सोजत के स्कूलों में ‘Transformative Tuesdays’ के तहत कानूनी जागरूकता शिविर।

न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों और कानून की दी जानकारी, स्कूलों में लगी ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटी।

सोजत सिटी। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), पाली के निर्देशानुसार सोमवार को सोजत के विभिन्न विद्यालयों में ‘Transformative Tuesdays’ अभियान के तहत कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। अभियान के प्रथम चरण में विद्यार्थियों को “नशे को ना कहो, अपने सपनों को हाँ कहो – नशा कोई स्टाइल नहीं, अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करो” विषय पर जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के तहत रेखा रानी, अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश), ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिलाडिया गेट, कमला बॉयला, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आलोक विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय, ऋचा जाटव, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तथा कायनात शेख, अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मोतीबंद सेठिया आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय का दौरा कर छात्र-छात्राओं को कानूनी जानकारी प्रदान की।

न्यायिक अधिकारियों ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही नशीले पदार्थों की खरीद, बिक्री, भंडारण, सप्लाई एवं सेवन से जुड़े अपराधों तथा एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को नशा मुक्ति केंद्रों की सेवाओं तथा संकट की स्थिति में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण हेल्पलाइन 15100, राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 (24×7) एवं आपातकालीन पुलिस सहायता 112 के बारे में भी अवगत कराया गया।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण विद्यालयों में “कोर्ट वाली दीदी” नाम से सुझाव एवं शिकायत पेटी (Complaint Box) की स्थापना रही। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को बिना किसी डर के अपनी समस्याएं साझा करने का सुरक्षित माध्यम उपलब्ध कराना है।

अधिकारियों ने बताया कि आज कई बच्चे जिज्ञासा, गलत संगत, साथियों के दबाव, तनाव और सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं। ऐसे में समय रहते जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के संवाद विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें सामाजिक रूप से जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेंगे।

इस अवसर विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं तथा न्यायालय कर्मचारी जितेन्द्र सिंह, अरविन्द दवे, लोकेश टाक, मुकेश जांगिड़, दुलीचन्द कुमावत, अशोक राव, सांवल प्रभात व्यास एवं पैरालीगल वॉलेंटियर उपस्थित रहे।

Akram Khan

Written by Akram Khan

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