in

‘आओ जाणा सोजत ने’ : मेहंदी नगरी सोजत के इतिहास और विरासत की खोज में निकली बिजनेस मित्र की टीम,इतिहासकार चेतन व्यास से जाना सोजत का इतिहास।

दुर्ग, तालाब, मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर सोजत के अतीत से वर्तमान तक को समझने का प्रयास,प्रसारण होगा सोमवार से बी.एम स्टूडियो इस्टाग्राम पेज और युट्यूब चैनल पर।

 

 

सोजत। नवरात्रि से शुरु होने वाले सोजत महोत्सव को लेकर मेहंदी नगरी सोजत के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जानने और आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बीएम स्टूडियो एवं बिजनेस मित्र संस्था की टीम ने विशेष कार्यक्रम ‘आओ जाणा सोजत ने’ के तहत सोजत शहर के विभिन्न ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया।

इस विशेष कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री चेतन जी व्यास, बिजनेस मित्र संस्था के संस्थापक महेन्द्र सिंह राव तथा पत्रकार अकरम खान सहित टीम के सदस्यों ने सोजत के इतिहास को करीब से जानने और समझने का प्रयास किया।

कार्यक्रम के दौरान टीम ने सोजत दुर्ग, रामेलाव तालाब, चामुंडा माता भाखरी, नर्सिंगपुरा भाखरी, वीर हनुमान मंदिर, सेजल माता मंदिर, फुलनारायण आश्रम, जेकल माता मंदिर, सुरेश्वर महादेव मंदिर, पचोल नाड़ी, भूतेश्वर महादेव, आदिनाथ मंदिर, गोड़ी पार्श्वनाथ मंदिर, सोजत बस स्टैंड क्षेत्र, सोजत के सात दरवाजे एवं पुराणदास जी मंदिर सहित विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया।

सोजत के इतिहास को जानने के लिए उठाए कई सवाल

कार्यक्रम के दौरान यह जानने का प्रयास किया गया कि प्राचीन सभ्यताओं के समकालीन सोजत का अस्तित्व किस रूप में था? सोजत के इतिहास को जानने के प्रमुख स्रोत कौन-कौन से हैं? सोजत का ज्ञात इतिहास कब से शुरू होता है? शहर का नाम सोजत कैसे पड़ा? विभिन्न कालखंडों में सोजत का संबंध किन-किन शासकों और राजवंशों से रहा? सोजत दुर्ग से जुड़ी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं कौन-कौन सी हैं तथा यहां के धार्मिक स्थलों का इतिहास कितना पुराना है?

इन तमाम सवालों के माध्यम से टीम ने सोजत को केवल वर्तमान की नजर से नहीं, बल्कि अतीत से आज तक की ऐतिहासिक यात्रा के रूप में समझने का प्रयास किया।

महेन्द्र सिंह राव ने विस्तार से समझने का किया प्रयास

बिजनेस मित्र संस्था के संस्थापक महेन्द्र सिंह राव ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सोजत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को विस्तार से समझने का प्रयास किया। उन्होंने विभिन्न स्थलों पर पहुंचकर वहां से जुड़े इतिहास, धार्मिक मान्यताओं, स्थानीय परंपराओं और सोजत के विकास की कहानी को जानने में विशेष रुचि दिखाई।

वरिष्ठ पत्रकार श्री चेतन जी व्यास के अनुभव और मार्गदर्शन में टीम ने सोजत के इतिहास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का प्रयास किया, जबकि पत्रकार अकरम खान ने कार्यक्रम की जानकारी एवं स्थलों से जुड़े विषयों को संकलित किया।

टीम के सदस्यों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

इस विशेष ऐतिहासिक भ्रमण में जिगर बंजारा, चित्रांश, खुशवीर , पुष्पेंद्र, हिमांशु जांगिड़, धर्मेन्द्र एवं योगेश,नरेन्द्र सहित टीम के अन्य सदस्यों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।

पूरी टीम ने सोजत के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर वहां की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत को कैमरे में दर्ज किया और लोगों तक सोजत की कहानी पहुंचाने का प्रयास किया।

सिर्फ मेहंदी की नगरी नहीं, इतिहास और विरासत की नगरी भी है सोजत

आज सोजत की पहचान देश-दुनिया में मेहंदी नगरी के रूप में है, लेकिन इस शहर की पहचान केवल मेहंदी तक सीमित नहीं है। सोजत में ऐतिहासिक दुर्ग, प्राचीन धार्मिक स्थल, जलस्रोत, भाखरियां, पुराने दरवाजे और लोक आस्था से जुड़े अनेक स्थल इसकी समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं।

‘आओ जाणा सोजत ने’ कार्यक्रम के माध्यम से इसी विरासत को नई पीढ़ी और आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

बीएम स्टूडियो के YouTube और Instagram पर मिलेगी पूरी जानकारी

इस पूरे कार्यक्रम के दौरान जुटाई गई ऐतिहासिक जानकारी, विभिन्न स्थलों का भ्रमण और सोजत से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य वीडियो के माध्यम से बीएम स्टूडियो के YouTube चैनल पर उपलब्ध करवाए जाएंगे।

इसके साथ ही बीएम स्टूडियो के Instagram प्लेटफॉर्म पर भी इस कार्यक्रम से जुड़ी तमाम जानकारी, वीडियो एवं महत्वपूर्ण तथ्य साझा किए जाएंगे, ताकि सोजत के इतिहास और विरासत से अधिक से अधिक लोग जुड़ सकें।

‘आओ जाणा सोजत ने’ के माध्यम से बीएम स्टूडियो और बिजनेस मित्र की टीम ने सोजत को नए नजरिए से जानने और उसकी ऐतिहासिक विरासत को लोगों के सामने लाने की एक पहल की है। यह प्रयास सोजत के इतिहास, संस्कृति और धार्मिक विरासत को दस्तावेज के रूप में संजोने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

Akram Khan

Written by Akram Khan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सोजत सिटी : 973वें स्थापना वर्ष में सजेगा सोजत, नवरात्र से शुरु होंगे विविध आयोजन।