सोजत सिटी। राष्ट्रीय राजमार्ग-162 पर सोजत से करीब 4 किलोमीटर दूर सोजत-पाली मार्ग स्थित नगर की तपोभूमि दांतिया बालाजी में श्री दांतिया बालाजी गौशाला सेवा संस्थान गोसेवा की मिसाल पेश कर रहा है। यहां 465 गौवंश की सेवा समर्पित गौसेवकों की देखरेख में की जा रही है। गौशाला में लाचार, बेसहारा और असुरक्षित परिस्थितियों में विचरण करने वाले गोवंश को सुरक्षित आश्रय, पौष्टिक आहार और बेहतर वातावरण उपलब्ध करवाया जा रहा है।
गौशाला की विशेषता यह है कि यहां दूध देने वाली गायों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, जबकि नंदी और बछड़ों सहित अन्य गोवंश की संख्या काफी अधिक है। ऐसे गोवंश की देखभाल को प्राथमिकता दी जा रही है, जिन्हें संरक्षण और नियमित सेवा की आवश्यकता है। गौशाला में गोवंश की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।
संरक्षक हरिओम गिरी जी महाराज के मार्गदर्शन में हो रहा कायाकल्प…
गौशाला संरक्षक हरिओम गिरी जी महाराज की देखरेख में संस्थान की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। मुख्य व्यवस्थापक गणपत लाल गहलोत, नगर के भामाशाह एवं समाजसेवी लक्ष्मण राम गहलोत काकू, कोषाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, महामंत्री राजेंद्र चौहान, सचिव सत्यदेव संकरोत तथा उपाध्यक्ष माणक बौराणा सहित अन्य पदाधिकारी गौशाला के विकास और गौवंश की सेवा में जुटे हुए हैं। भामाशाहों और सेवाभावी लोगों के सहयोग से गौशाला में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
चारा संग्रहण से लेकर पानी और छाया तक की व्यवस्था…
गौवंश की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गौशाला में विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां नंदी गोशाला के साथ 105 बाई 70 फीट का विशाल चारा संग्रहण हॉल और एक छोटा हॉल उपलब्ध है। इसके अलावा पानी के लिए छह खेलियां, एक शेड, पंखे और फव्वारा मशीन की व्यवस्था की गई है। गोवंश की देखभाल के लिए नमक सहित आवश्यक सामग्री तथा चारा लाने-ले जाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली भी उपलब्ध है।
पौष्टिक आहार से रखी जा रही गौवंश की सेहत का ध्यान…
गौशाला में गौवंश के खानपान पर विशेष ध्यान दिया जाता है। गायों के लिए कोटा से चारा मंगवाया जाता है। इसके साथ ही पशु आहार, दलिया, गुड़, जौ और तेल सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाती है, ताकि गोवंश को पर्याप्त पोषण मिल सके।
बीमार गौवंश के उपचार के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं…
गौशाला में बीमार गायों के उपचार के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं। गोवंश की नियमित देखभाल के लिए नौ ग्वाले हर समय मौजूद रहते हैं। गर्मी और मच्छरों से बचाव के लिए नीम का धुआं किया जाता है तथा दवाइयों का नियमित छिड़काव भी किया जाता है।
सेवा, संरक्षण और समर्पण का केंद्र बनी गौशाला…
श्री दांतिया बालाजी गौशाला सेवा संस्थान में की जा रही व्यवस्थाएं गौसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती हैं। बेसहारा गोवंश को सुरक्षित आश्रय देने के साथ उनके भोजन, पानी, स्वास्थ्य और देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गौशाला का निरंतर विकास भामाशाहों, समाजसेवियों और गौसेवकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। यहां गौवंश की सेवा के माध्यम से जीवदया और मानवता के भाव को साकार किया जा रहा है।


