सोजत। चारधाम सहित उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा कर लौटे दंपति हितेंद्र व्यास एवं श्रीमती सावित्री देवी व्यास का स्थानीय मोड़ भट्टा के पीछे स्थित कॉलोनी में माल्यार्पण एवं स्नेह भेंट कर भव्य अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर श्रीमाली ब्राह्मण समाज के गणमान्यजनों, कॉलोनीवासियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने व्यास दंपति का स्वागत कर उनकी धार्मिक यात्रा के सुखद अनुभवों को साझा किया।
अपनी यात्रा के अनुभव बताते हुए वरिष्ठ नागरिक हितेंद्र व्यास ने कहा कि केदारनाथ की यात्रा भले ही दुष्कर एवं चुनौतीपूर्ण है, लेकिन यह मन को अद्भुत शांति और आत्मिक आनंद प्रदान करती है। भगवान शिव के धाम के आसपास स्थित प्राकृतिक सौंदर्य, सुरम्य पर्वतीय वातावरण और आध्यात्मिक अनुभूति व्यक्ति को प्रकृति एवं अध्यात्म के करीब ले जाती है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ की यात्रा हेलीकॉप्टर, घोड़े एवं पालकी के माध्यम से की जा सकती है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री जैसे पवित्र धाम प्रकृति की अनुपम सुंदरता से साक्षात्कार करवाते हैं।
उन्होंने धारी देवी मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि जलधारा के बीच स्थित मातृशक्ति का यह धाम अत्यंत अद्भुत एवं दर्शनीय है। यात्रा के दौरान त्रियुगीनारायण, गौरीकुंड, सोनप्रयाग एवं हरिद्वार सहित अनेक धार्मिक स्थलों के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ।
श्रीमती सावित्री देवी व्यास ने कहा कि ऐसी दुर्गम धार्मिक यात्राओं के लिए मौसम की अनुकूलता बेहद आवश्यक है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि तीर्थस्थल पर पहुंचने के बाद एक अज्ञात आध्यात्मिक शक्ति व्यक्ति के आत्मविश्वास को दोगुना कर देती है और हिमालय की दुर्गम पहाड़ियों की यात्रा भी सहज लगने लगती है। उन्होंने कहा कि भारत प्राकृतिक सौंदर्य एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण अनेक अद्भुत स्थलों का धनी है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में समय निकालकर इन धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों की यात्रा अवश्य करनी चाहिए, क्योंकि प्रकृति के सानिध्य में असीम शांति एवं सुकून की अनुभूति होती है।
इस अवसर पर चेतन व्यास, डॉ. खुशवंत व्यास, रोहित व्यास, मितेश व्यास, श्रीमती नीलम व्यास, डॉ. विनीता व्यास, चंद्रशेखर व्यास, धीरेन्द्र व्यास, धर्मेंद्र व्यास, दिनेश व्यास, मनीष व्यास एवं दिक्षांत व्यास सहित श्रीमाली ब्राह्मण समाज के गणमान्यजन, कॉलोनीवासी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने व्यास दंपति का माल्यार्पण कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।

