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सोजत में बोले मनिंदरजीत सिंह बिट्टा:—“जिएं तो राष्ट्र के लिए, मरें तो तिरंगे में” चेतन व्यास के साथ खास बातचीत।

सोजत। भारत सरकार द्वारा जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त एआईएटीएफ,” के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने रविवार को सोजत में प्रेस वार्ता में चेतन व्यास द्वारा पूछे गये प्रश्नों का बेबाकी से उत्तर दिया।

जब उनसे पूछा गया आपके साथ प्रथम आतंकवादी वारदात कब हुई तो उन्होंने बताया कि 13 म ई 1992 में अमृतसर में वे कार बम ‌विस्फोट का शिकार बने दु‌र्भाग्यवश उन्हें अपने कई साथियों को खोना पड़ा विस्फोट में 13 लोगों की मृत्यु हो गई तथा उनकी छाती में छर्रे घुस गए उन्होंने अपनी एक टांग भी खो दी अब उनके शरीर में क ई छड़ें लगी हुई है ।

पंजाब सरकार में मंत्री रह चुके बिट्टा ने बताया कि 1993 में दूसरी बार आतंकवादीयो ने उन पर आतंकी हमला किया परन्तु वाहे गुरू की कृपा से वे फिर बच गए । इस हमले में उनके दो अंग रक्षक सहित 9 लोग मारे गए और अब ये बची हुई जिंदगी बोनस की ज़िंदगी है। जो देश सेवा में गुजर रही है।

जब उनसे पूछा गया कि अब वे राष्ट्र के लिए किस प्रकार योगदान दे रहे है उनकी गतिविधियां क्या है तो उन्होंने कहा कारगील में शहीद हुए परिवारों एवं सैनिक परिवारों तथा आतंक‌वादी हमलों में शहीद हुए परिवारों एवं पिडित परिवार के बच्चों बेवाओ एवं परिवार के बुजुर्गो की सेवा सहायता करने के साथ-साथ भारत भर में धुम घुमकर वे देश प्रेम के भाव जागृत करने एवं राष्ट्र की एकता का संदेश दे रहे है।

उनकी एक ही तमन्ना है कि जिएं तो राष्ट्र के लिए मरे तो राष्ट्र के लिए। मरे तो उनका शव तिरंगे में लिपटा हो । पाकिस्तान की कायराना आतंकी हरकतों पर उन्होंने कहा भारत अब बदल चुका है तथा घर में घुसकर मारता है ‌।आपरेशन सिन्दुर इसकी मिसाल है। उन्होने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि युवा नशे की प्रवृ‌त्ति से दूर रहें ।राष्ट्र के मानकों का सम्मान करना सीखे एवं राष्ट्र से प्रेम के भाव रखें।

अमेरिका इजराइल का ईरान के साथ युद्ध के दुष्परिणामों पर उन्होंने कहा कि भारत तटस्थ देश है इसका हमपर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जंग से किसी समस्या का हल नहीं होंता।

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Written by Rj22 news

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