सोजत। स्थानीय साहित्यकार एवं राष्ट्रीय समरस संस्थान साहित्य सृजन भारत, गांधीनगर (गुजरात) के राजस्थान प्रांतीय महामंत्री नवनीत राय ‘रुचिर’ को कोटा में आयोजित संभागीय साहित्य अधिवेशन में ‘समरस साहित्य सम्मान’ से सम्मानित किया गया। संस्थान के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को सराहते हुए उन्हें सम्मान प्रदान किया।
हिंदी पखवाड़े के तहत संस्थान की कोटा संभागीय इकाई की ओर से आरकेपुरम स्थित एक होटल में आयोजित अधिवेशन में शपथ ग्रहण, सम्मान समारोह, पुस्तक विमोचन एवं गीत-संगीत सहित विभिन्न कार्यक्रम हुए। समारोह की अध्यक्षता संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शशि जैन ने की। मुख्य अतिथि संस्थापक एवं संयोजक डॉ. मुकेश कुमार व्यास ‘स्नेहिल’ ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं सदस्यों को शपथ दिलाई।
डॉ. व्यास ने संस्थान की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में संस्थान का पहला भवन निर्मित किया गया है। मुख्य वक्ता एवं संभागीय संरक्षक साहित्यकार विजय जोशी ने साहित्य के विकास में साहित्यिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रभात कुमार सिंघल, राष्ट्रीय महामंत्री आनंद कुमार जैन ‘अकेला’, राष्ट्रीय सदस्य अर्चना व्यास, राजस्थान प्रांतीय प्रभारी डॉ. वैदेही गौतम, प्रांतीय अध्यक्ष गोविंद गुरु, प्रांतीय महामंत्री नवनीत राय ‘रुचिर’, राष्ट्रीय संरक्षक रघुनाथ मिश्र ‘सहज’, जितेंद्र निर्मोही एवं रघुराज सिंह ‘कर्मयोगी’ ने भी अपने विचार रखे। डॉ. वैदेही गौतम ने कोटा में समरस भवन में कार्यालय खोलने का आश्वासन दिया।
अधिवेशन का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना से हुआ। अदिति शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि हिमानी भाटिया, वंदना शर्मा एवं राजेंद्र कुमार जैन ने भजन एवं गीतों की प्रस्तुतियां दीं। शपथ लेने वाले पदाधिकारियों एवं सदस्यों को मनोनयन पत्र तथा हिंदी पखवाड़े के सम्मान पत्र प्रदान किए गए। अतिथियों का शॉल, दुपट्टा, माल्यार्पण एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया।
अधिवेशन में करीब 60 साहित्यकारों ने सहभागिता निभाई। संभागीय अध्यक्ष एवं आयोजनकर्ता कवि महेश पंचोली ने कार्यक्रम का संचालन किया। संस्थापक डॉ. मुकेश कुमार व्यास ने सफल आयोजन के लिए पंचोली का आभार व्यक्त किया।


