पाली जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के पांचपदरिया गांव में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां चोरों ने उच्च माध्यमिक विद्यालय के पोषाहार कक्ष का ताला तोड़कर चोरी की, शराब पी, सामान लूटा और जाते-जाते पुलिस के खिलाफ टाइप किए गए 11 पैम्फलेट चिपका दिए।

इन पैम्फलेट्स में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए और जैतपुर थाने के ASI हड़मान सिंह को फिल्म सिंघम का अजय देवगन और वन विभाग का टाइगर करार दिया गया। साथ ही थाने की कार्यप्रणाली पर 22 विशेषताएं लिखकर उसे “तस्करों का स्वर्ग और चोरों की जन्नत” बताया गया।
क्या-क्या लिखा चोरों ने पैम्फलेट्स में?
“ASI खुद को सिंघम समझते हैं, लोगों की जेब से रुपए निकालते हैं।”
“थाने का गश्ती वाहन हम 8 बजे से सुबह 4 बजे तक निगरानी में रखते हैं।”
“अब जनता की अदालत शुरू हो चुकी है, जैतपुर का गब्बर आ चुका है।”
“अपने बच्चों को कुछ भी कराना लेकिन पुलिस में भर्ती मत करवाना।”
“हम मजबूरी में चोरी करते हैं, पुलिस को सबक सिखाने आए हैं।”
चोरों ने पैम्फलेट्स में कई पुलिसकर्मियों के नाम लिखकर उन पर रिश्वतखोरी और आमजन से दुर्व्यवहार के आरोप लगाए।
3 दिन की छुट्टियों में वारदात
15 से 18 अगस्त तक स्कूल में छुट्टियां थीं। इसी दौरान चोर पीछे से ताला तोड़कर पोषाहार रूम में घुसे।
यहां उन्होंने शराब पी।
गैस सिलेंडर, बर्तन, खाने-पीने का सामान ले गए।
और जाते-जाते दीवारों पर 11 पैम्फलेट्स चस्पा कर दिए।
जब स्कूल प्रबंधन ने चोरी की सूचना दी और पुलिस मौके पर पहुंची तो पैम्फलेट्स देखकर हैरान रह गई।
पुलिस की प्रतिक्रिया
जैतपुर SHO राजेन्द्र सिंह ने बताया:
“पैम्फलेट्स कब्जे में लिए गए हैं। आरोपियों की तलाश के लिए टीम गठित की गई है।”
“संभव है कि यह काम कोई साइको कर रहा हो या पुलिस को गुमराह करने की कोशिश हो।”
थाने की 22 विशेषताएं भी लिखीं
पैम्फलेट्स में थाने की कथित विशेषताओं का उल्लेख किया गया है। इसमें लिखा गया कि यह थाना –
“तस्करों का स्वर्ग”
“चोरों की जन्नत”
“गरीबों का जल्लाद”
साथ ही चोरों ने दावा किया कि वे लगातार पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और अब जैतपुर थाने को उन्होंने “गोद ले लिया है।
यह घटना चोरी से ज्यादा पुलिस पर किए गए हमले और पैम्फलेट युद्ध के कारण सुर्खियों में है। पुलिस इसे गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है।
यह मामला न सिर्फ चोरी, बल्कि पुलिस और अपराधियों के बीच मनोवैज्ञानिक खेल का भी प्रतीक बन गया है।


