जोधपुर। बुझावड़ क्षेत्र स्थित मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी में गुरुवार को साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर सेल के एसीपी पुष्पेंद्रसिंह, यूनिवर्सिटी चेयरमैन मोहम्मद अतीक सहित कई विशेषज्ञों ने स्टूडेंट्स व स्टाफ को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए।
चेयरमैन मोहम्मद अतीक ने छात्रों को चेताया कि “मोबाइल को खिलौना न समझें और अनावश्यक डाउनलोड से बचें। सजग रहेंगे तो किसी भी फ्रॉड का शिकार नहीं बनेंगे।”
एसीपी पुष्पेंद्रसिंह ने कहा कि आजकल साइबर ठग नई-नई तकनीकें अपना रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग, फर्जी वेबसाइट, क्रिप्टो करेंसी और डिजिटल अरेस्ट जैसे हथकंडों से लोग ठगे जा रहे हैं। उन्होंने छात्रों को लालच में न फंसने की सलाह दी और कहा कि “साइबर अपराधी चाहे विदेश में बैठकर अपराध करें, अंततः पकड़े जरूर जाते हैं।”
बजाज फाइनेंस स्टेट हेड आबिद खान ने जागरूकता को सुरक्षा की कुंजी बताते हुए कहा कि “जितनी जानकारी उतनी सुरक्षा, धोखाधड़ी से कहो अलविदा।”
यूनिवर्सिटी प्रेसिडेंट डॉ. जमील काज़मी ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि पुलिस को सहयोगी मानकर हर घटना साझा करना जरूरी है।
इस अवसर पर बजाज फाइनेंस के अधिकारी, मारवाड़ मुस्लिम एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी के सदस्य, यूनिवर्सिटी स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। तिलावते कुरान हम्माद उस्मानी ने पढ़ी और संचालन डॉ. अब्दुल्लाह खालिद ने किया।
साइबर एक्सपर्ट्स की अहम सलाह
डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती, यह ठगी का नया तरीका है।
फिशिंग, डीपफेक और KYC अपडेट के बहाने लोगों से धोखाधड़ी की जा रही है।
भावनात्मक स्कैम जैसे मैट्रिमोनियल, जॉब ऑफर, लॉटरी और सेक्सटॉर्शन तेजी से बढ़ रहे हैं।
तकनीकी सुरक्षा उपाय: सॉफ्टवेयर अपडेट करें, मजबूत पासवर्ड रखें, एंटीवायरस व 2FA का उपयोग करें।
व्यवहारिक सुरक्षा उपाय: लालच से बचें, मोबाइल को खिलौना न समझें और निजी जानकारी साझा न करें।

