पाली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव गुरुवार सुबह पाली पहुंचे। यहां उन्होंने महिला स्वावलंबन और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि पाली में बने मिट्टी के कुल्हड़ (सिकोरे) अब देशभर के रेलवे स्टेशनों पर चाय परोसने के लिए उपयोग में लाए जाएंगे। उन्होंने इसे पाली को “रोल मॉडल” बनाने की दिशा में अहम कदम बताया। इससे न केवल यात्रियों को पर्यावरण हितैषी विकल्प मिलेगा बल्कि महिलाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा।

रेल मंत्री सबसे पहले पाली रेलवे स्टेशन पर उतरे और वहां से हेमावास गांव पहुंचे। यहां उन्होंने लघु उद्योग भारती द्वारा संचालित चूड़ी नग लगाने और सिलाई प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। महिलाओं की बात सुनने के लिए वे कुर्सी छोड़कर जाजम पर बैठ गए और आत्मनिर्भर बनने की उनकी कहानियां जानीं।
इसके बाद वे नया गांव रीको एरिया गए, जहां मशीनों से मिट्टी के कुल्हड़ बनाने की प्रक्रिया देखी। मंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि समय के साथ पाली उद्योग आधुनिक तकनीक अपना रहा है। रेलवे जल्द ही देशभर में कुल्हड़ में चाय उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा।
रेल मंत्री ने पाली में वृद्धाश्रम का भी दौरा किया और महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे कपड़ों के बैग, सिलाई और साड़ी फॉल का कार्य देखा। उन्होंने कहा कि इन बैगों की क्वालिटी बेहतरीन है और दिल्ली में भी इनकी बिक्री की योजना बनाई जाएगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले तीन महीनों में जालोर-पाली से दिल्ली के लिए नई ट्रेन शुरू की जाएगी, जिससे हजारों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही, उन्होंने पाली रेलवे स्टेशन का नया मॉडल फोटो दिखाते हुए बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही स्टेशन का आधुनिक स्वरूप तैयार होगा।
रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए बेहतर बजट से राजस्थान में रेलवे ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है।


