पाली/जोधपुर। शादी के तीन साल बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है।
पाली जिले के धर्मधारी गांव की रहने वाली 32 वर्षीय खुशबू राजपुरोहित की जोधपुर के मथुरादास माथुर हॉस्पिटल (MDM) में इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह मौत हो गई। मृतका के भाई इंद्रजीत राजपुरोहित ने आरोप लगाया है कि उसकी बहन को ससुराल पक्ष के लोगों ने जहर देकर मार डाला।
भाई का कहना है कि ससुराल वाले खुशबू को बांझ होने के ताने देते थे और दहेज में कार नहीं देने को लेकर परेशान करते थे। खुशबू के पति हर्षित सिंह का जयपुर में सोलर बिजनेस है।

चार दिन तक चली जिंदगी की जंग
खुशबू को 21 अक्टूबर को गंभीर हालत में जोधपुर के MDM हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि उसे कुछ जहरीला पदार्थ खिलाया गया था। चार दिन तक चले इलाज के बाद शुक्रवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।
मौत की सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग जोधपुर पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने शव उठाने से इनकार कर दिया। भाई इंद्रजीत ने कहा,
“मेरी बहन को मौत देने वालों को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि उसकी आत्मा को शांति मिल सके।”
साल 2022 में हुई थी शादी
खुशबू की शादी मई 2022 में पाली जिले के पिलोवनी निवासी हर्षित सिंह से हुई थी। शुरू में सबकुछ ठीक था, लेकिन कुछ महीनों बाद रिश्तों में खटास आने लगी। खुशबू बार-बार पति से जयपुर अपने साथ रखने की बात कहती, मगर हर्षित महीने-दो महीने में एक बार ही जोधपुर आता था।

“दहेज की मांग और ताने देते थे”
भाई इंद्रजीत ने बताया कि उनके पिता की पाली शहर में इलेक्ट्रिक की दुकान है।
शादी में आर्थिक स्थिति के अनुसार दहेज दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद सास और जेठानी कम दहेज लाने और कार नहीं देने के ताने देती थीं। बाद में उन्होंने खुशबू को बांझ होने के आरोपों से भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
“वे कहते थे कि खुशबू संतान नहीं दे सकती। इन बातों से वह टूट गई थी,”
भाई ने बताया।
चार महीने पीहर में रही,
दीपावली से पहले भेजी गई ससुराल
जुलाई 2025 से खुशबू अपने पीहर पाली में रह रही थी। कुछ महीने पहले जब परिवार को ससुराल में हुए बर्ताव का पता चला, तो उसे वहीं रोक लिया गया।
16 अक्टूबर को ससुराल पक्ष के लोग पाली आए और समाज के सामने भविष्य में कोई परेशानी नहीं देने का वादा किया। इस भरोसे के बाद खुशबू को दीपावली से पहले ससुराल भेजा गया।
लेकिन मात्र पांच दिन बाद ही, 21 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे ससुराल से कॉल आया कि खुशबू ने कुछ खा लिया है और तबीयत बिगड़ गई है।
भाई का आरोप है की
“उसे जब तक बोलने की हालत में थी, तब तक घर पर ही रखा। हॉस्पिटल नहीं ले गए ताकि सच सामने न आ सके। जब वह बेहोश हो गई, तब जोधपुर लाए।”
टीचर बनने का सपना अधूरा रह गया
परिजनों ने बताया कि खुशबू एमए और बीएसटीसी तक शिक्षित थी। वह टीचर बनना चाहती थी ताकि घर का खर्च चलाने में पति की मदद कर सके। लेकिन ससुराल में मिले तानों और प्रताड़ना ने उसका आत्मविश्वास तोड़ दिया।
“खुशबू हमेशा कहती थी कि पढ़ाई बेकार नहीं जाएगी, टीचर बनकर परिवार का सहारा बनूंगी… लेकिन उसका सपना अधूरा रह गया,”
परिजनों ने भावुक होकर कहा।
पुलिस जांच जारी
घटना की जानकारी पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एफएसएल टीम ने सैंपल एकत्र किए हैं।
परिजनों की शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या और उत्पीड़न के आरोप की जांच की जा रही है।
शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जाएगा।

