पाली। रावणा राजपूत समाज के आराध्य देव संत अनोपदास महाराज के 178वें जन्मोत्सव पर बुधवार को शहर में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर संतों के सान्निध्य में गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश एवं शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाजबंधु शामिल हुए।

राधा कृष्ण मंदिर से शुरू हुई भव्य यात्रा…
कलश यात्रा शहर के राजेन्द्र नगर स्थित राधा कृष्ण मंदिर से रवाना हुई। यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाती हुई आगे बढ़ीं, वहीं युवाओं ने पूरे मार्ग में “संत अनोपदास महाराज की जय” के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

जगह-जगह पुष्पवर्षा, भव्य स्वागत…
शोभायात्रा में संत अनोपदासजी के सुसज्जित रथ का मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ यात्रा का अभिनंदन किया। विभिन्न मार्गों से होते हुए यह यात्रा जगदम्बा नगर स्थित संत अनोपदासजी की झोपड़ी पहुंचकर विसर्जित हुई।
प्रवचन और समाज विकास पर मंथन…
गौड़ वाटिका में आयोजित स्वागत समारोह में संतों ने प्रवचन दिए और समाज को एकता, शिक्षा एवं संस्कारों का संदेश दिया। इस दौरान समाज के विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की गई, विशेष रूप से छात्रावास निर्माण जैसे विषयों पर सहमति बनी।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित…
कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक मूल सिंह भाटी, मेला सहसंयोजक रतनसिंह झाला, जिलाध्यक्ष प्रमेन्द्र सिंह परिहार सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
यह आयोजन श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें पूरे पाली शहर ने भागीदारी निभाते हुए संत अनोपदास महाराज को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


