सोजत। निकटवर्ती ग्राम मुरडावा स्थित भगवान मंडोवरा पार्श्वनाथ मंदिर में आयोजित नवपद ओली महोत्सव के समापन अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी प्रफुल्ल प्रभा श्रीजी म.सा. ने कहा कि णमोकार मंत्र की महिमा अपार है। इसके जाप से मनुष्य के कर्मों की निर्जरा होती है और वह मोक्ष का अधिकारी बनता है।

उन्होंने कहा कि जैन धर्म में त्याग, तपस्या, अपरिग्रह और अहिंसा का जो संदेश भगवान महावीर स्वामी ने दिया, उसे जीवन में अपनाकर हर व्यक्ति आत्मकल्याण और परमात्मा की प्राप्ति कर सकता है।

यह प्रवचन बरखेड़ा तीर्थ द्वारिका शासन दीपिका महतरा साध्वी सुमंगला श्रीजी म.सा. की पट्टा शिष्या एवं कुशल निर्देशिका साध्वी प्रफुल्ल प्रभा श्रीजी म.सा. द्वारा शुक्रवार प्रातः आयोजित धर्मसभा में दिया गया। यह आयोजन पिछले 9 दिनों से चल रहे नवपद ओली महोत्सव के समापन पर आयोजित हुआ।
इस अवसर पर साध्वी वैराग्य पूर्णा श्रीजी म.सा. ने बताया कि नवपद ओली के दौरान भगवान महावीर स्वामी की आराधना, णमोकार मंत्र का जाप तथा नौ शक्ति माताओं की विशेष पूजा की गई। उन्होंने भारतवर्ष को आर्य भूमि बताते हुए कहा कि यही वह पावन धरती है जहां राम, कृष्ण, महावीर और बुद्ध जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया।
धर्मसभा के दौरान पिछले 9 दिनों से नवपद ओली की तपस्या करने वाले तपस्वी भाई-बहनों का सम्मान किया गया। श्री आदिनाथ पार्श्वनाथ जैन ट्रस्ट मुरडावा-चंडावल के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश भूरट, सचिव विमल कुमार भूरट एवं कोषाध्यक्ष महेंद्र कुमार भूरट,शिखरचंद सुराणा,रिषभ सुराणा व सुनील पितलिया सहित अन्य पदाधिकारियों ने उनका बहुमान किया।
इस अवसर पर सोजत की बालिका टीशा सिंघवी (पुत्री मनोज-उषा सिंघवी) को दसवीं कक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। आयोजन में लगभग 25 पुरुष एवं महिला तपस्वियों ने ओली की तपस्या की।

कार्यक्रम में उषा सिंघवी, शांता सिंघवी, वीणा बाई, चांद कंवर भंडारी, रूपल सिंघवी, टीशा सिंघवी, गौतमचंद मुणोत, मनोज सिंघवी सहित अनेक श्रद्धालुओं का सम्मान किया गया। ट्रस्ट के व्यवस्थापक जबर सिंह जैतावत एवं पुजारी राहुल का भी अभिनंदन हुआ।
समापन से पूर्व मंडोवरा पार्श्वनाथ मंदिर एवं भैरवनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना एवं महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।


