रावण वध के साथ गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, काशी के 25 कलाकारों ने जीवंत किया रामायण का मंचन।
सोजत सिटी। चांदपोल गेट के बाहर स्थित मोतीचंद सेठिया आदर्श विद्या मंदिर स्कूल प्रांगण में आयोजित 10 दिवसीय रामलीला महोत्सव का समापन भगवान श्रीराम के भव्य राजतिलक के साथ हुआ। रामलीला के अंतिम दिन मंचित रामायण के प्रमुख प्रसंगों को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी और श्रद्धालु उमड़े। भगवान श्रीराम के राजतिलक के दौरान पूरा पंडाल श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण से सराबोर हो गया। काशी से आए 25 कलाकारों ने दस दिनों तक रामायण के विभिन्न प्रसंगों का सजीव मंचन कर दर्शकों का मन मोह लिया।
कुंभकरण, मेघनाद और रावण वध का रोमांचक मंचन…
रामलीला के अंतिम दिन कलाकारों ने सर्वप्रथम कुंभकरण वध, इसके बाद मेघनाद वध और अंत में रावण वध का प्रभावशाली मंचन किया। भगवान श्रीराम के हाथों रावण का वध होते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया।
रावण वध के बाद भगवान श्रीराम के 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर अयोध्या लौटने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इस दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और पूरे पंडाल में भक्तिमय वातावरण बन गया।
वरिष्ठजनों और नगरवासियों ने किया प्रभु श्रीराम का राजतिलक…
रामलीला महोत्सव के समापन अवसर पर भगवान श्रीराम के राजतिलक का भव्य आयोजन हुआ। सोजत शहर के वरिष्ठजनों और नगरवासियों ने भगवान श्रीराम का राजतिलक कर सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। इस पावन अवसर का साक्षी बनने और प्रभु श्रीराम के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलीला पंडाल पहुंचे। राजतिलक समारोह के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
श्री रामलीला से बच्चों और युवाओं में संस्कारों का संचार…
काशी से आए 25 कलाकारों ने दस दिनों तक रामायण के विभिन्न प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया। कलाकारों की प्रस्तुति, संवाद अदायगी और जीवंत अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नगरवासियों ने कहा कि रामलीला जैसी पारंपरिक लोककलाएं भारतीय संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
रामलीला के माध्यम से बच्चों और युवाओं को सत्य, मर्यादा, त्याग, कर्तव्यपालन तथा बड़ों के सम्मान जैसे जीवन मूल्यों की प्रेरणा मिलती है। ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने के साथ ही समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित…
भगवान श्रीराम के राजतिलक समारोह में पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे, अरविंद द्विवेदी, नेमीचंद गहलोत, ओम तंवर, श्यामलाल टांक, लक्ष्मण टांक, पार्षद कैलाश चावला, ताराचंद सैनी,गोरधनलाल गेहलोत सहित शहर के गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। रामलीला महोत्सव का समापन धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ।


