*बारीश ओर अल्लाह की रहमत जिसे दुनियां आबे जमजम ओर अमृत के रुप में देखती है*
पाली मुख्यालय RJ22 News
इन दिनों मुल्क ए हिंदुस्तान में मौसम महकमें की ओर से रायशुमारी ओर विज्ञान के आविष्कार की मशीनरी भारी बारिश होने के दावे कर रही है।ओर मुल्क के अलग-अलग सुबों यानि राज्यों में मानसून की दस्तक ओर भारी बारीश की संभावना जता रहे हैं।मगर एक बात आप ओर हम सभी को मालूम है कि बारिश बरसना या नहीं बरसना यह अल्लाह यानि/एक मालिकों खालिक के रहमों करम की बात है।जिसे दुनियां के मुख्तलिफ मज़हब के माननें वाले ईश्वर परमेश्वर या वाहे गुरु के नाम से सम्बोधित कर दुआ प्रार्थना ओर पेयर के द्वारा याद कर बारिश की मांग उस मालिकों मौला ए कायनात से करतें हैं। बारीश यानि पानी हमारी पहली अहम जरूरतों में मुकाम रखता है।जिंदगी चाहे वो इंसान की हो या जानवरों की चरिंदे परिंदे सभी को पहली ज़रूरीयात बारिश यानि पानी ही है इसके बिना दुनियां ख़त्म हो सकती है इसलिए अल्लाह का फरमान है कि ए मोमीनों तुम अपनी अपनी जरूरत के हिसाब से पानी खर्च करों।ओर इसका जिक्र आसमानी किताबों में अल्लाह रब्बुल इज्जत ने अपने प्यारे रसूल की हदीस के तौर पर दर्ज भी कर दिया है। इसलिए हर शख्स को बारीश यानि पानी को अपनी जरूरत के हिसाब से ख़र्च करना चाहिए ओर बेवजह फ़िज़ूल में ना बहाना चाहिए।यही आज हमारी सरकारें भी संदेश दे रही है।जो कुरान ए करीम में अल्लाह के रसूल ने सैकड़ों बरसों पहले फरमा दिया।की जब तुम नमाज़ के लिए वजू करों तो जरुरत के हिसाब से पानी खर्च करों। अल्लाह हम सब को नेक हिदायत फरमाएं ओर देश व प्रदेश में रहमतों भरी बारिश करें।ओर हमारा प्रदेश ओर जिला भी रहमतों भरी बारिश से सराबोर हो।
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चीफ़ एडीटर सैय्यद फैयाज बुखारी*****
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