पाली जिले में इस अभियान का शुभारंभ जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा के नेतृत्व में सुमेरपुर से किया गया। इस दौरान निंबाड़ा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार संवैधानिक प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और परिसीमन जैसे बहानों से चुनाव टालना भाजपा की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है, जिससे ग्रामीण और स्थानीय निकायों का विकास पूरी तरह ठप हो गया है।
अभियान की मुख्य बातें:
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कार्यकारिणी का गठन: प्रत्येक ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर 21 सदस्यीय नई कार्यकारिणी बनाई जाएगी।
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जनसंपर्क: कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर भाजपा सरकार की “विफलताओं” का पर्दाफाश करेंगे।
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लोकतंत्र की रक्षा: अभियान का लक्ष्य स्थानीय निकाय चुनाव जल्द कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाना है।
जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के संकल्पों को घर-घर तक पहुँचाएं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करें।

