पाली। जिला परिषद सभागार में बुधवार को जिला प्रशासन व महिला अधिकारिता विभाग की ओर से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत ‘कॉफी विद कलेक्टर’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें कक्षा 9 से 12 तक के निजी और सरकारी स्कूलों की छात्राएं व कॉलेज की छात्राएं शामिल हुईं।

कार्यक्रम में जिला कलेक्टर एल.एन. मंत्री ने छात्राओं को करियर गाइडेंस दिया और उनसे संवाद किया। इस दौरान कलेक्टर ने छात्राओं से सवाल पूछे— “राय और मशविरा में क्या अंतर है?”, “तुम्हारी नजर में बड़ा आदमी कौन है?”, “हम सैनिकों का सम्मान क्यों करते हैं?”—जिनका छात्राओं ने उत्साह से उत्तर दिया।

इसी तरह छात्राओं ने भी कलेक्टर से कई सवाल किए। बालिया स्कूल की एक छात्रा ने पूछा कि “आप कलेक्टर कैसे बने?” इस पर कलेक्टर मंत्री ने अपने जीवन की प्रेरणादायी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि वे पुष्कर के रहने वाले हैं, पढ़ाई में शुरू से ही रुचि रही और कॉलेज में गोल्ड मेडलिस्ट रहे। पहले लेक्चरर बने, लेकिन जिला कलेक्टर के काम को देखकर प्रभावित हुए और फिर तैयारी कर RAS में चयनित हुए। पदोन्नति के बाद IAS बने और आज कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
एक अन्य छात्रा ने सवाल किया कि “आप कलेक्टर ही क्यों बने?” इस पर मंत्री ने कहा कि कलेक्टर का पद ऐसा है जिसमें पूरे जिले की जिम्मेदारी होती है और लोगों की समस्याओं का समाधान करने का अवसर मिलता है। इसलिए उन्होंने इस पद को चुना।
स्टूडेंट गुरबिंदर कौर ने पूछा कि “क्या कभी जीवन में आप नर्वस हुए?” इस पर कलेक्टर ने कहा कि उन्हें चुनौतियाँ पसंद हैं और हार मानना पसंद नहीं। परिस्थितियां कैसी भी हों, खुद पर विश्वास रखकर निर्णय लेना चाहिए।

प्रशिक्षु IAS बिरजू गोपाल ने भी छात्राओं को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में घबराना नहीं चाहिए, बल्कि चिंतन करना चाहिए। निर्णय भावनाओं में बहकर नहीं बल्कि सोच-समझकर लेना चाहिए।
कार्यक्रम में जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेन्द्र मेहता, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक भागीरथ चौधरी, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमन चौधरी, बालिया स्कूल प्रिंसिपल सुनीता, जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री, केन्द्र प्रबंधक प्रियंका व्यास, सखी सेंटर प्रबंधक देवी बामणिया सहित कई स्टूडेंट्स और टीचर्स मौजूद रहे।


