पाली शहर में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में 62 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर की जान चली गई। ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र के रूप रजत विहार के पास खुले बरसाती नाले में गिरने से बाबूलाल चौधरी की मौत हो गई।

मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें नाले से बाहर निकाला, लेकिन वे बेसुध थे। एक युवक ने CPR देकर जान बचाने की कोशिश की, इसके बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
टीपी नगर थाने के एसएचओ हनुवंत सिंह सिसोदिया ने बताया कि मृतक बाबूलाल चौधरी नया गांव रोड स्थित सूर्या कॉलोनी के निवासी थे और रूप रजत विहार क्षेत्र में उनका प्लॉट है। मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे वे घर से प्लॉट देखने निकले थे। करीब 3 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक बाइक नाले में गिरी हुई है। सूचना पर एएसआई राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। तब तक स्थानीय लोग बाबूलाल को नाले से बाहर निकाल चुके थे, जबकि उनकी बाइक नाले में पड़ी हुई थी।
CPR दिया, एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचे, लेकिन नहीं बची जान।
पाली शहर के सुंदर नगर निवासी बबलू भाटी ने बताया कि वे फाइनेंस कंपनी में कार्यरत हैं और दोपहर में सोजत से पाली आ रहे थे। नाले के पास भीड़ देखकर रुके तो पता चला कि एक व्यक्ति नाले में गिर गया है। लोगों द्वारा बाहर निकाले जाने के बाद उन्होंने तुरंत CPR दिया और एम्बुलेंस को सूचना दी। बाबूलाल को बांगड़ हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप—खुला नाला बना हादसे की वजह..
घटना को लेकर मृतक के चचेरे भाई मांगीलाल चौधरी ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे बरसाती नाला लंबे समय से खुला पड़ा है। बरसात का मौसम खत्म होने के बाद भी नाले को ढका नहीं गया। आशंका है कि किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से बाबूलाल बाइक सहित नाले में गिरे। यदि नाला ढका होता तो शायद उनकी जान बच सकती थी।
जेब में मिले भीगे नोट, एम्बुलेंस कर्मी ने दिखाई ईमानदारी..
घटना की सूचना पर सदर थाने से 108 एम्बुलेंस के जरिए जूनेद खान मौके पर पहुंचे और शव को अस्पताल पहुंचाया। तलाशी के दौरान मृतक की जेब में 500-500 रुपये के नोटों की एक गड्डी मिली, जो नाले में गिरने से भीग चुकी थी। जूनेद खान ने ये रुपए ट्रोमा वार्ड में पुलिस को सौंपकर ईमानदारी का परिचय दिया।
पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। वहीं, शहरवासियों ने खुले नालों को ढकने और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

