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उच्च न्यायालय ने लगाई रोक जालौर नगर पालिका प्रशासन को लगाई फटकार पीड़ित को दिलाया इंसाफ

*पाली/जालौर *सफाई कर्मचारियों की सेवा समाप्ति पर उच्च न्यायालय की रोक, नगर परिषद को मिली कड़ी फटकार*

**जोधपुर.** राजस्थान उच्च न्यायालय ने जालौर नगर परिषद में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की सेवा समाप्ति के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
यह फैसला न्यायमूर्ति मुन्नुरी लक्ष्मण की एकलपीठ ने अधिवक्ता रजाक खान, कल्बे मोहम्मद और राहुल चौधरी द्वारा प्रस्तुत की गई दलीलों के बाद दिया। इस आदेश से याचिकाकर्ता सफाई कर्मचारियों, सोनाराम और संतारा, को तत्काल राहत मिली है, जिनकी सेवाएं 31 अक्टूबर, 2025 को समाप्त कर दी गई थीं।

क्या था पूरा मामला? : याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर याचिकाओं में कहा गया कि नगर परिषद, जालौर ने उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ द्वारा 2019 में पारित एक फैसले का हवाला देते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं । यह कार्रवाई करते समय विभाग ने इस तथ्य को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया कि खुद उच्च न्यायालय ने एक पुनर्विचार याचिका में यह स्पष्ट कर दिया था कि उक्त फैसले में किसी भी कर्मचारी की सेवाएं समाप्त करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया था ।

अधिवक्ताओं की सशक्त दलीलें : याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष मजबूती से अपना पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि नगर परिषद द्वारा लिया गया निर्णय कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण है । उन्होंने बताया कि जिस फैसले को आधार बनाकर कर्मचारियों को हटाया गया, उस पर दायर पुनर्विचार याचिका (डी.बी. रिव्यू पिटीशन रिट संख्या 63/2022) में न्यायालय ने यह साफ कर दिया था कि कर्मचारियों को हटाने का कोई आदेश नहीं दिया गया था । अधिवक्ताओं ने कहा कि विभाग ने इस महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण पर विचार किए बिना ही एकतरफा कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया, जो कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है ।

न्यायालय का निर्णय : न्यायालय ने अधिवक्ताओं के तर्कों को गंभीरता से लेते हुए माना कि यदि नगर परिषद ने उच्च न्यायालय के स्पष्टीकरण पर ध्यान दिया होता, तो सेवा समाप्ति की स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती । इस आधार पर, न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए सेवा समाप्ति के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी । न्यायालय ने इस मामले में राज्य सरकार के स्थानीय स्वशासन विभाग के सचिव, निदेशक और जालौर नगर परिषद के आयुक्त को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 2 जनवरी, 2026 को निर्धारित की गई है।*RJ22 News Pali चीफ़ एडीटर सैय्यद फैयाज बुखारी****-***—

Fayaj Bukhari

Written by Fayaj Bukhari

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