सोजत। परोपकार और सेवा भावना की मिसाल बन चुकी सोजत सेवा मंडल ने मानव सेवा के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आचार्य रघुनाथ जैन स्मृति राजकीय जिला चिकित्सालय में मंडल अब तक 23 लाख 54 हजार 250 मरीजों एवं उनके तिमारदारों को भोजन करवा चुका है। सेवा मंडल के मंत्री पुष्पतराज मुणोत ने बताया कि संस्था ने यह उपलब्धि अपने 43 वर्षों के सेवाकाल में हासिल की है। सेवा का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो 50वीं गोल्डन जुबली तक यह आंकड़ा 25 लाख लाभार्थियों तक पहुंचने की उम्मीद है।
43 वर्षों से तीन समय निरंतर सेवा
सोजत सेवा मंडल की स्थापना वर्ष 1983 में दक्षिण भारत के संत महात्मा ध्यानानंद जी महाराज की प्रेरणा से हुई थी। स्थापना के बाद से संस्था ने अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों के लिए भोजन व्यवस्था को अपनी नियमित सेवा का हिस्सा बनाया।
मंडल द्वारा प्रतिदिन तीन समय सेवा की जाती है। सुबह दूध-बिस्किट, दोपहर में भोजन तथा शाम को दूध-खिचड़ी वितरित की जाती है। कोरोना काल को छोड़कर यह सेवा अब तक करीब 15,659 दिनों में 47,085 बार नियमित रूप से संचालित की जा चुकी है। विशेष अवसरों पर मौसमी फल और मिठाइयां भी वितरित की जाती हैं।
भोजन सेवा के साथ बहुआयामी जनसेवा
सोजत सेवा मंडल केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है। संस्था पिछले 43 वर्षों से लावारिस शवों का दाह संस्कार, नेत्रदान, नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर और अंगदान जैसे सेवा कार्यों में भी सक्रिय रही है।
इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों एवं विद्यार्थियों को कंबल, चरण पादुकाएं, उत्तर पुस्तिकाएं, ऊनी स्वेटर, स्कूल बैग और पानी की बोतलें सहित विभिन्न उपयोगी सामग्री बड़ी संख्या में वितरित की जा चुकी है। भामाशाह अनोप सिंह लखावत की ओर से संस्था को सेवा कार्यों के लिए ऑटो रिक्शा भी भेंट किया गया है।
दर्जनों कार्यकर्ता संभाल रहे सेवा का दायित्व
सेवा व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने के लिए सेवा मंडल अध्यक्ष लक्ष्मणराम गेहलोत के साथ देवीलाल सांखला, ताराचंद सैनी, बहादुरसिंह खींची, विजय सिंह चौहान, जगदीश नारायण पाराशर, राजेंद्र चौहान, लालचंद मोयल सहित दर्जनों कार्यकर्ता नियमित रूप से जुटे हुए हैं।
सोजत सेवा मंडल की 43 वर्षों की यह यात्रा सेवा, समर्पण और परोपकार की उस परंपरा का उदाहरण है, जिसमें बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का संकल्प निरंतर निभाया जा रहा है।

