पाली, राजस्थान: आज, बुधवार को पाली जिले में धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। बगड़ी नगर से एक विशाल कावड़ यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में शिवभक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह यात्रा चंडावल के प्रसिद्ध वासुदेवजी आश्रम से शुरू हुई और सेहवाज गांव तक पहुंची।
आकर्षण का केंद्र बने कावड़िए
इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण कावड़ लिए हुए शिवभक्त थे, जिन्होंने अपनी विशेष वेशभूषा से सभी का मन मोह लिया। लाल धोती, लाल दुपट्टा और सफेद बनियान पहने ये कावड़िए “बम-बम भोले” के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। उनकी इस वेशभूषा और भक्ति ने पूरे रास्ते में एक अलग ही रंग भर दिया।
धार्मिक उत्साह और भाईचारे का संदेश
यात्रा के दौरान धार्मिक गीतों की गूंज और ढोल-नगाड़ों की थाप पर शिवभक्त झूमते-गाते हुए चल रहे थे। इस कावड़ यात्रा ने न सिर्फ लोगों में धार्मिक उत्साह का संचार किया, बल्कि इसने समाज में भाईचारे और एकता का भी संदेश दिया। इस तरह की यात्राएं हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी परंपराओं से जोड़े रखती हैं।

