सोजत। क्षेत्र कि विधायका श्रीमती शोभा चौहान ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को पत्र भेजकर सोजत के ऐतिहासिक दुर्ग को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने तथा क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कर विरासत को संरक्षित करने की मांग की है। वहीं, पूर्व काबिना मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे ने जयपुर में पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर दुर्ग को सुरक्षित करने और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के मुद्दे पर चर्चा की। दोनों जनप्रतिनिधि इस विषय में धरोहर विकास प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत को भी अवगत कराएंगे।

नानी शिरडी पहाड़ी पर स्थित यह किला राव मालदेव के समय विस्तारित किया गया था, जबकि राव निंबा ने इसकी प्रोल का निर्माण कराया था। इतिहासकार बताते हैं कि इस दुर्ग ने कई रक्तरंजित युद्धों और सत्ता परिवर्तन के दौर देखे हैं। मध्यकाल में महाराजा विजय सिंह की पासवान गुलाब राय ने शहर पनाह और नरसिंहगढ़ पर दुर्ग निर्माण कराया, जो आज ‘गुलाब किला’ और ‘नरसिह भाकरी’ के नाम से प्रसिद्ध है।

सोजत महोत्सव समिति व स्थानीय संगठनों ने दुर्ग में पैनोरमा, टेलिस्कोप, प्रोजेक्टर, म्यूजियम और साइंस पार्क बनाने की मांग उठाई है, ताकि पर्यटक यहां के गौरवशाली इतिहास को करीब से देख सकें। विक्रम संवत 1111 में स्थापित सोजत शहर इस आसोज सुदी नवमी को अपने 972वें स्थापना वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है, और इसी अवसर पर दुर्ग के संरक्षण व पर्यटन विकास की उम्मीदें तेज हो गई हैं।

इनका कहना—
विधायक शोभा चौहान: “केंद्रीय मंत्री और धरोहर प्राधिकरण बोर्ड से पत्राचार कर दुर्ग के संरक्षण व विकास की प्रक्रिया शुरू की गई है।”
पूर्व काबिना मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे: “सोजत का इतिहास पौराणिक काल से समृद्ध रहा है। हम पैनोरमा, प्रोजेक्टर, हैरिटेज म्यूजियम व साइंस पार्क के जरिए इसे पर्यटन मानचित्र पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।”
इस दुर्ग को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सोजत महोत्सव समिति संयोजक अनोपसिंह लखावत,अभिनव कला मंच अध्यक्ष गोरधन लाल गहलोत सचिव चेतन व्यास उपाध्यक्ष श्याम लाल व्यास,भारत विकास परिषद् अध्यक्ष देवीलाल सांखला,, वरिष्ठ नागरिक समिति अध्यक्ष सुरेश ओझा, हितेंद्र व्यास,सोजत सेवा मंडल मंत्री पुष्पत राज मुणोत,पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल,मानव सेवा समिति अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, ताराचंद सैनी,राम स्वरूप भटनागर,सत्तु सिंह भाटी, ड़ा रशीद गोरी, अशोक सैन समय समय पर माँग करते रहे है।


