भरतपुर/जयपुर। राजस्थान सरकार की मुफ्त दवा योजना के तहत दी जा रही खांसी की सिरप (Dextromethorphan HBr Syrup IP) ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। भरतपुर में इस सिरप के सेवन से एक बच्चे की तबीयत बिगड़ने के बाद जब डॉक्टर ताराचंद योगी ने इसकी सुरक्षा साबित करने के लिए खुद सिरप पी ली, तो उनकी भी हालत खराब हो गई। उन्हें जयपुर के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
सूत्रों के अनुसार, सिरप पीने के बाद दो एंबुलेंस कर्मियों की तबीयत भी बिगड़ गई।
लगातार घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से इस सिरप के वितरण पर रोक लगा दी है।
इस बीच, सीकर में इसी सिरप के सेवन से एक 5 वर्षीय बच्चे की मौत होने की भी पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने सिरप के सभी बैचों की लैब जांच के आदेश दिए हैं और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने तक राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों और दवा वितरण केंद्रों पर इस सिरप का उपयोग बंद रहेगा। वहीं, चिकित्सा मंत्री ने कहा है कि दोषी कंपनी और सप्लायर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जांच जारी है।


