पाली/खिवाड़ा। देशभर में ऑनलाइन साइबर फ्रॉड करने वाली एक बड़ी गैंग का पाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वेबसाइट बनाकर क्यूआर कोड के जरिए लोगों से ऑनलाइन पेमेंट लेकर ठगी की जा रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि 16 सितम्बर से 15 दिसम्बर 2025 के बीच करीब 9 करोड़ 4 लाख 43 हजार 328 रुपए आरोपियों के खातों में जमा हुए।

पाली जिले के खिंवाड़ा थाना पुलिस ने गुरुवार शाम पूछताछ के बाद अल्पेश (20) पुत्र भरत भाई ठाकुर निवासी वालेर, धानेरा, चिराग कुमार (20) पुत्र प्रवीण सोलंकी ठाकुर निवासी कसारी (डिसा), अजयकुमार (19) पुत्र रमेश भाई ठाकुर निवासी रमूण (डिसा) और राहुल भाई (21) पुत्र पंजी भाई ठाकुर निवासी वालेर, थाना धानेरा को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी गुजरात के बनासकांठा जिले के रहने वाले हैं।
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 20 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, एक हार्डडिस्क, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, सिम कार्ड सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त की है।
चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजे गए आरोपी..
शुक्रवार को सभी आरोपियों को देसूरी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 4 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी जिनके इशारे पर यह वारदात कर रहे थे, उस मुख्य सरगना को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
किराए के कमरे से चला रहे थे साइबर ठगी का नेटवर्क...
एसपी आदर्श सिधु ने बताया कि खिंवाड़ा थाना क्षेत्र के गजनीपुरा में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर DST टीम प्रभारी ऊर्जाराम व थानाधिकारी उगमराज सोनी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। मौके पर चार युवक लैपटॉप और मोबाइल के साथ बैठे मिले।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जन्नत भाई नामक व्यक्ति के लिए ऑनलाइन पैसों का काम करते थे और बदले में सैलरी लेते थे।
17 खातों से हो रहा था लेन-देन..
जांच में सामने आया कि लैपटॉप में मौजूद वेबसाइट GREEN.NEONRIKROJLABLEXRABY.BUZZ और HISPER.BREATHEYIELDINGTREE.XYZ के पैनल में कुल 17 बैंक अकाउंट जोड़े गए थे, जिनमें क्यूआर कोड के माध्यम से करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन किया गया।
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और साइबर ठगी से जुड़े पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कार्रवाई जारी है।

