पाली। श्री विश्वकर्मा जांगिड़ समाज सेवा समिति की ओर से शनिवार को विश्वकर्मा जयंती महोत्सव के अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सजी इस शोभायात्रा में समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे मार्ग पर युवा जोश से नाचते-गाते नजर आए, वहीं महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

शोभायात्रा में शामिल आकर्षक झांकियां शहरवासियों के लिए मुख्य आकर्षण रहीं। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत शिव तांडव नृत्य ने लोगों का मन मोह लिया, जिस पर जगह-जगह जयकारे गूंज उठे। बच्चों ने हाथों में ध्वजा लेकर उत्साहपूर्वक भाग लिया, वहीं एक बालिका घोड़े पर सवार होकर ध्वजा लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी।

शहर में शोभायात्रा के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वागत द्वार लगाए गए थे। यह शोभायात्रा वीडी नगर स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर से गाजे-बाजे के साथ रवाना होकर सूरजपोल, सोमनाथ मंदिर, सर्राफा बाजार, गोल निंबड़ा, चूड़ीघर बाजार, प्यारा चौक विश्वकर्मा मंदिर, हवाई बिल्डिंग रोड होते हुए पुनः वीडी नगर स्थित मंदिर पहुंचकर सम्पन्न हुई।
इससे पूर्व सुबह मंदिर में हवन-यज्ञ, शिखर पर ध्वजा चढ़ाने सहित धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।

भामाशाहों व प्रतिभावान विद्यार्थियों का हुआ सम्मान…
शोभायात्रा के बाद वीडी नगर स्थित समाज भवन में सम्मान समारोह व वार्षिक आमसभा का आयोजन किया गया। समिति अध्यक्ष रामचंद्र पिड़वा ने बताया कि आमसभा में समाज के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में सहयोग जैसे विषय प्रमुख रहे।

इस अवसर पर समाज के भामाशाहों एवं होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही वर्ष 2027 की विश्वकर्मा जयंती के आयोजन को लेकर महाप्रसादी, अखंड ज्योत एवं प्रसाद वितरण की बोलियां भी बोली गईं।
ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद..
कार्यक्रम में अध्यक्ष रामचंद्र पिड़वा, संगठन मंत्री राजेश भदरेचा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बंशीलाल उमराणिया, ढगलाराम ओस्तवाल, प्रचार मंत्री घेवरचंद सायल, अमरचंद बुढल, उपाध्यक्ष डायाराम सायल, सचिव मधुसूदन बुडल, कोषाध्यक्ष पारसमल बुढल, सह-कोषाध्यक्ष भंवरलाल बेगड़, मदनलाल झालुण्डिया, इन्द्रप्रकाश किंजा, मूलचंद दायमा, बाबूलाल डिगरना, सांस्कृतिक मंत्री अशोक पाखरवड़, धनराज नागयल सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन में जांगिड़ समाज की एकता, संस्कृति और सामाजिक चेतना का सुंदर संगम देखने को मिला।


