जयपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। करीब ढाई दशक बाद यह पहला अवसर रहा जब आम बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया गया। बजट में बुनियादी ढांचे, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार पर विशेष फोकस किया गया है। इस बजट से राजस्थान समेत देश के कई राज्यों को विकास से जुड़ी अहम सौगातें मिली हैं।

बजट 2026 की सबसे बड़ी घोषणाओं में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव शामिल है। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। ये कॉरिडोर देश के प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों को जोड़ेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली से जुड़े हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का अप्रत्यक्ष लाभ राजस्थान को भी मिलेगा, जिससे प्रदेश की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा समय में कमी आएगी।
पर्यटन को भी बजट में खास महत्व दिया गया है। सरकार ने टूरिज्म को रोजगार और स्थानीय विकास का बड़ा जरिया बताते हुए पर्यटन स्थलों के विकास, डिजिटल नॉलेज ग्रिड, इको-टूरिज्म, ट्रेकिंग और हाइकिंग जैसी योजनाओं पर जोर दिया है। इससे राजस्थान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा बजट में बड़े टेक्सटाइल पार्क, खादी और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की घोषणा की गई है। इससे भीलवाड़ा, पाली और बाड़मेर जैसे राजस्थान के प्रमुख टेक्सटाइल हब को सीधा फायदा मिलने की संभावना है। टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और हैंडलूम-हैंडीक्राफ्ट्स कार्यक्रम से स्थानीय कारीगरों और उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
बजट के बाद कुछ वस्तुएं जैसे खनिज, स्क्रैप, शराब और वायदा कारोबार महंगे हो सकते हैं, जबकि कैंसर, शुगर और दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। सोलर एनर्जी उत्पाद, जूते, बैट्री, माइक्रोवेव ओवन और चमड़ा-कपड़ा निर्यात भी सस्ते होने की संभावना जताई जा रही है।
कुल मिलाकर बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, उद्योग, शिक्षा और पर्यटन के जरिए रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने का प्रयास किया गया है। हाई-स्पीड रेल और औद्योगिक योजनाओं के माध्यम से राज्यों के संतुलित विकास का रोडमैप पेश किया गया है, जिससे राजस्थान को भी लंबे समय में बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
