पुष्कर। अखिल भारत वर्षीय श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था के तत्वावधान में महालक्ष्मी मातेश्वरी का 110वां दो दिवसीय पाटोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। आयोजन में देशभर से समाजबंधुओं की भागीदारी देखने को मिली और पूरे शहर में भक्ति का माहौल छाया रहा।

कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रातः शंकराचार्य पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। इसके पश्चात महालक्ष्मी की भव्य शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ सिरे बाजार से होती हुई पुष्कर सरोवर पहुंची। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और फिर यात्रा मंदिर परिसर लौटी। पूरे मार्ग में समाज के लोगों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धा भाव से स्वागत किया।
समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेन्द्र बोहरा एवं सचिव ब्रजमोहन व्यास ने बताया कि इस ऐतिहासिक पाटोत्सव में परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया। वहीं, प्रचार-प्रसार मंत्री नरेंद्र राज बोहरा के अनुसार 110वें पाटोत्सव के अवसर पर ‘कनकधारा सहस्त्र नाम’ के तहत 1008 कमल पुष्पों से महालक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
भक्ति और उल्लास के बीच हुआ समापन…
महालक्ष्मी माता के जयकारों और भक्तिमय माहौल के बीच कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। आयोजन ने समाज में एकता, आस्था और परंपरा की सुंदर मिसाल पेश की।

